
सौर ऊर्जा से बिजली बिल हुआ शून्य, हर माह हो रही हजार रूपए की बचत
राजनांदगांव 04 जुलाई 2026। छुरिया विकासखंड के दूरस्थ वनांचल ग्राम मोरकुटूम्ब की निवासी मितानीन प्रशिक्षक श्रीमती कामती बाई साहू के घर में अब सूरज की रोशनी केवल उजाला ही नहीं करती, बल्कि आर्थिक समृद्धि का भी माध्यम बन गई है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत उनके घर की छत पर स्थापित 3 किलोवॉट क्षमता के सोलर रूफटॉप प्लांट ने उनके परिवार की मासिक बिजली लागत लगभग समाप्त कर दी है।
श्रीमती कामती साहू ने बताया कि वे मितानीन प्रशिक्षक के रूप में कार्य करती हैं तथा उनके पति का किराने की दुकान है। पहले हर माह बिजली बिल एक हजार रूपए से अधिक आता था, जिससे घरेलू खर्च पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था। योजना के बारे में जानकारी मिलने पर उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत आवेदन किया और घर की छत पर 3 किलोवॉट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित कराया। सोलर पैनल लगने के बाद इस माह उनका बिजली बिल शून्य आया, जिससे लगभग एक हजार रूपए की बचत हुई। उन्होंने बताया कि सोलर पैनल की स्थापना के लिए उन्हें केंद्र सरकार से 78 हजार रूपए तथा राज्य सरकार से 30 हजार रूपए की सब्सिडी प्राप्त हुई। कुल 1 लाख 8 हजार रूपए की सहायता मिलने से बिना आर्थिक कठिनाई के सोलर प्लांट लगाना संभव हो सका। अब उनका परिवार अपनी आवश्यकता की बिजली स्वयं तैयार कर रहा है तथा अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर उसका भी लाभ प्राप्त कर रहा है।
श्रीमती कामती साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना केवल आर्थिक बचत ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है। सौर ऊर्जा के उपयोग से पारंपारिक ऊर्जा स्त्रोतों पर निर्भरता कम होती है, जिससे प्रदूषण में कमी आती है और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होता है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को इस योजना का लाभ उठाना चाहिए, ताकि हर घर, हर गांव और हर मोहल्ला स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा से जुड़ सके। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के परिवारों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। इससे आर्थिक बचत, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षणकृतीनों उद्देश्यों की एक साथ पूर्ति हो रही है।









