
Masik Krishna Janmashtami 2026: साल 2026 की 9 मई यानी आज मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है. इस दिन भक्त पूरे श्रद्धा भाव से भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना करते हैं. श्रीकृष्ण के प्रति भक्तों का प्रेम इतना गहरा होता है कि उसे शब्दों में व्यक्त करना कठिन है. माना जाता है कि जो भक्त सच्चे मन से उन्हें याद करता है, वह उनके सान्निध्य का अनुभव करता है. इसी भक्ति भाव के कारण लोग इस दिन व्रत और उपवास रखते हैं तथा संयम का पालन करते हैं. यह व्रत भगवान कृष्ण को प्रसन्न करने का एक महत्वपूर्ण साधन माना जाता है.
मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का शुभ मुहूर्त
इस दिन पूजा के लिए कई शुभ समय बताए गए हैं. 9 मई को सूर्योदय सुबह 5:52 बजे और सूर्यास्त शाम 6:53 बजे होगा. चंद्रोदय रात 12:34 बजे के आसपास रहेगा. अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:57 बजे से दोपहर 12:49 बजे तक रहेगा, जो पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. इसके अलावा अमृत काल दोपहर 12:23 बजे से 2:08 बजे तक रहेगा, जबकि ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:15 बजे से 5:03 बजे तक होता है. इन सभी समयों में पूजा, ध्यान और मंत्र जाप करने से विशेष फल प्राप्त होते हैं.
मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का आध्यात्मिक विज्ञान
यह पर्व केवल धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरा आध्यात्मिक विज्ञान भी छिपा है. कृष्ण पक्ष को आत्मचिंतन और वैराग्य का प्रतीक माना जाता है. वहीं अष्टमी तिथि मानसिक स्थिरता और आंतरिक शक्ति को बढ़ाने वाली होती है. इस समय किया गया व्रत शरीर और मन दोनों को शुद्ध करता है.
साधना और ऊर्जा का प्रभाव
इस अवधि में व्यक्ति का मन स्वाभाविक रूप से भीतर की ओर केंद्रित होता है. ध्यान और भक्ति अधिक प्रभावशाली हो जाती है, जिससे आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है. यही कारण है कि मासिक कृष्ण जन्माष्टमी को आत्मशुद्धि और ईश्वर से जुड़ने का एक विशेष अवसर माना जाता है.








