
शहडोल की ग्राम पंचायत टिहकी में जल गंगा संवर्धन अभियान की जन-चौपाल में हुए शामिल
शहडोल में 4 हजार से अधिक जल संरचनाओं का किया जाएगा संरक्षण एवं संवर्धन
भोपाल । उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार जल-संरक्षण एवं संवर्धन को जन-आंदोलन के रूप में विकसित कर ‘जल-समृद्ध मध्यप्रदेश’ बनाने की दिशा में सतत कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘जल-गंगा संवर्धन अभियान’ अब प्रदेश के हर गांव, हर परिवार और हर नागरिक की सहभागिता वाला जन-अभियान बन गया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल शहडोल जिले की जनपद पंचायत जयसिंह नगर अंतर्गत ग्राम पंचायत टिहकी में आयोजित जन-चौपाल को संबोधित कर रहे थे।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि वर्षा जल का संरक्षण और संवर्धन आज समय की मांग है। प्राकृतिक संतुलन के लिए आवश्यक है। प्रदेश सरकार ने जल-गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत की है, ताकि हम जल को संग्रहित करें, उसका संरक्षण करें और जल-स्रोतों को पुनर्जीवित करें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि धरती की कोख – यानी भूमिगत जल स्रोतों को भी पुनर्भरण (रिचार्ज) की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि यदि हम केवल निकालते रहेंगे और वापस नहीं लौटाएँगे, तो भविष्य में अगली पीढ़ी को जल संकट का सामना करना पड़ेगा।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आमजन से आह्वान किया कि छोटे-छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव लाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि पानी केवल कृषि और पेयजल का साधन नहीं है, बल्कि यह संस्कृति, अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य से भी सीधा जुड़ा हुआ है। उन्होंने ग्रामवासियों से आग्रह किया कि जल संरक्षण को सांस्कृतिक जिम्मेदारी और सामाजिक चेतना का हिस्सा बनाएं। प्रत्येक विद्यालय, ग्राम सभा, स्व-सहायता समूह और युवा मंडल इस कार्य में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश इस दिशा में अग्रणी बनकर उभर रहा है।









