
मध्यप्रदेश में हुआ ‘एक्ज़ीक्यूशन डिकेड’ का शुभारंभ
जीआईएस-2025 ने खोले तकनीकी उद्यमिता और अवसरों के द्वार
भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश तकनीकी उद्यमिता में भविष्य का प्रतिनिधित्व करने के लिये तैयार हो रहा है। प्रदेश अब देश की विकास यात्रा में सहभागी रह कर नित नये अध्याय लिख रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन पर आधारित राज्य सरकार की नीतियाँ, संस्थागत सहयोग और निवेशक-हितैषी ईकोसिस्टम राज्य के टियर-2 शहरों को भी विकास यात्रा में अग्रणी बनाने को तैयार है। ड्रोन, सेमीकंडक्टर, आईटी, एवीजीसी-एक्सआर और स्पेस-टेक जैसे क्षेत्रों में तेज़ी से प्रगति के लिए विशेष नीतियां बनाई गईं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशन में हुए क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय निवेश सम्मेलनों से प्रदेश निवेश का हब बन रहा है। उद्यमियों में मध्यप्रदेश के ‘ईज ऑफ डूइंग बिजिनेस’ पर्यावरण में बढ़ता विश्वास आने वाले दशक को मध्यप्रदेश के लिये ‘एक्ज़ीक्यूशन डिकेड’ बना रहा है।
देश की विकास यात्रा महानगरों से टियर-2 शहरों की ओर बढ़कर नए औद्योगिक और तकनीकी अध्याय लिख रही है। मध्यप्रदेश इस परिवर्तन की अगुवाई करते हुए देश के उभरते ‘टेक्नोलॉजी पावरहाउस’ के रूप में स्थापित हो रहा है। फरवरी 2025 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के बाद राज्य को ₹2,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इससे रोजगार के 30 हजार से अधिक अवसर सृजित होंगे।
राज्य सरकार की रणनीतिक योजनाओं, नवाचारपरक नीतियों और त्वरित कार्यान्वयन से यह सुनिश्चित हुआ है कि प्रदेश केवल योजनाएँ बनाने तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि धरातल पर ठोस परिणाम भी दिखाई दे रहे हैं। जीसीसी (Global Capability Centers), सेमीकंडक्टर, ड्रोन, एवीजीसी-एक्सआर (एनिमेशन, विजुअल इफैक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स, ऐक्सटेंडेड रियलिटी) और स्पेस-टेक जैसे फ्यूचरिस्टिक उद्यमिता क्षेत्रो में भी राज्य ने तेज़ी से अपनी पकड़ मज़बूत की है।
जीसीसी पॉलिसी से आकर्षित हो रहीं वैश्विक कंपनियां
राज्य सरकार की ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) पॉलिसी 2025 के आकर्षक प्रावधानों से प्रदेश मध्यम आकार की वैश्विक कंपनियों का पसंदीदा निवेश स्थल बनता जा रहा है। भोपाल और इंदौर में पाँच प्रमुख कंपनियाँ, जिनमें डिजिटल कंसल्टेंसी, मेडिकल टेक्नोलॉजी, आईटी और फाइनेंशियल प्लानिंग से जुड़ी कंपनियाँ शामिल हैं, अपने संचालन केंद्र स्थापित कर रही हैं। प्रारंभिक चरण में ही इनसे 740 से अधिक उच्च-कौशल रोजगार सृजित होंगे। राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय मंचों पर निवेशकों से सार्थक संवाद के परिणामस्वरूप प्रदेश देश का अग्रर्णी ‘जीसीसी-डेस्टिनेशन’ बनकर उभर रहा है।









