Ro no D15139/23

ममता बनर्जी का दावा- बंगाल में एसआईआर ने ले ली 84 जानें, 54 लाख वोटर को नहीं मिला पक्ष रखने का मौका

बंगाल में जारी मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही. टूटू बोस और उनके परिजनों को नोटिस मिलने पर तृणमूल नेता कुणाल घोष ने चुनाव आयोग को निशाने पर लिया, तो ममता बनर्जी ने भी ईसीआई पर गंभीर आरोप लगाये हैं. ममता बनर्जी ने कहा है कि एसआईआर की वजह से अब तक बंगाल में 84 लोगों की जान जा चुकी है. 54 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिये गये. उन्हें अपना पक्ष तक नहीें रखने दिया गया. बंगाल की सीएम ने कहा है कि चुनाव आयोग अभी और एक करोड़ लोगों के नाम काटने की तैयारी में है.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने दावा किया है कि राज्य में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले शुरू किये गये मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) ने अब तक 84 जानें ले लीं हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि ये आंकड़े मंगलवार सुबह तक के हैं. इसमें 17 लोगों की मौत ब्रेन स्ट्रोक से हुई और 4 लोगों ने आत्महत्या कर ली. टीएमसी सुप्रीमो ने दावा किया कि इन सभी लोगों की मौत एसआईआर नोटिस मिलने के बाद हुई है.

चुनाव आयोग, भाजपा, दुर्योधन और दुशासन ले मौतों की जिम्मेदारी – ममता

ममता बनर्जी ने कहा है कि चुनाव आयोग को इन सभी मौतों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. भाजपा को भी इन सभी लोगों की मौत की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. ममता बनर्जी ने कहा कि यहां तक कि दुर्योधन और दुशासन की इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि भाजपा के निर्देश पर एआई के जरिये मतदाताओं के नाम हटाये जा रहे हैं. उन्होंने कहा- जहां तक हमारी जानकारी है, उनकी योजना है कि वे बिहार, झारखंड और ओडिशा के लोगों को बंगाल में लाकर वोट करवायें.

बंगाल के 54 लाख मतदाताओं को नहीं मिला पक्ष रखने का मौका

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि 54 लाख मतदाताओं के नाम एकतरफा तरीके से और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) की शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए हटा दिये गये. कहा कि जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काटे गये, उनमें से ज्यादातर ‘वास्तविक मतदाता’ थे. उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि उनके नाम क्यों काटे गये हैं.

बंगाल में और एक करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जायेंगे – ममता बनर्जी

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि भाजपा-निर्वाचन आयोग का गठजोड़ अंतिम मतदाता सूची से एक करोड़ और नाम हटाने की योजना बना रहा है. आोयग ने बूथ स्तरीय एजेंट-2 को एसआईआर संबंधी सुनवाई में शामिल होने की अनुमति नहीं दी, क्योंकि भाजपा इसके लिए अपने कार्यकर्ताओं को इकट्ठा नहीं कर पायी.

  • Related Posts

    SIR in Bengal: मालदा हिंसा मामले में एनआइए की जांच तेज, 40 बीएलओ तलब

    SIR in Bengal: कोलकाता. मालदा में एसआइआर प्रक्रिया के विरोध के दौरान सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाये जाने और हिंसा के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने जांच तेज…

    Read more

    होर्मुज नाकेबंदी के बीच अफ्रीकी देश पहुंची इंडियन नेवी वॉरशिप, बंपर नैचुरल गैस का मालिक; दूर कर सकता है भारत का LPG संकट!

    INS Trikand in Tanzania: ईरान में पिछले 28 फरवरी से जंग चल रही है. इसकी वजह से होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी जैसे हालात हैं. इसने पूरी दुनिया में तेल और गैस…

    Read more

    NATIONAL

    SIR in Bengal: मालदा हिंसा मामले में एनआइए की जांच तेज, 40 बीएलओ तलब

    SIR in Bengal: मालदा हिंसा मामले में एनआइए की जांच तेज, 40 बीएलओ तलब

    होर्मुज नाकेबंदी के बीच अफ्रीकी देश पहुंची इंडियन नेवी वॉरशिप, बंपर नैचुरल गैस का मालिक; दूर कर सकता है भारत का LPG संकट!

    होर्मुज नाकेबंदी के बीच अफ्रीकी देश पहुंची इंडियन नेवी वॉरशिप, बंपर नैचुरल गैस का मालिक; दूर कर सकता है भारत का LPG संकट!

    ईरान ने किया रिजेक्ट, औंधे मुंह गिरा पाकिस्तान का पीस प्लान, मुनीर-शहबाज की चौधराहट फेल; भारी संकट सामने

    ईरान ने किया रिजेक्ट, औंधे मुंह गिरा पाकिस्तान का पीस प्लान, मुनीर-शहबाज की चौधराहट फेल; भारी संकट सामने

    ईरान में गिरा अमेरिकी लड़ाकू विमान, चालक दल का एक सदस्य बचाया गया; युद्ध ने पकड़ी और रफ्तार

    ईरान में गिरा अमेरिकी लड़ाकू विमान, चालक दल का एक सदस्य बचाया गया; युद्ध ने पकड़ी और रफ्तार

    महाराष्ट्र: नासिक में कुएं में गिरी कार, एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत

    महाराष्ट्र: नासिक में कुएं में गिरी कार, एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत

    मरने के बाद फिर से ज़िंदा होना कितना सुख देगा,क्या ये संभव है,क्या हम भगवान तक पहुंच जाएंगे* वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    मरने के बाद फिर से ज़िंदा होना कितना सुख देगा,क्या ये संभव है,क्या हम भगवान तक पहुंच जाएंगे* वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….