
धमतरी, 6 मई 2026 (IMNB NEWS AGENCY) जिले में नक्शा प्रोजेक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर नगर पालिक निगम सभागार धमतरी में दो दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलेक्टर के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में राजस्व एवं नगरीय अमले को सॉफ्टवेयर आधारित कार्यप्रणाली, फील्ड चुनौतियों और समाधान की बारीकियों से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के पहले दिन नक्शा सॉफ्टवेयर पर विस्तृत व्याख्यान दिया गया, जिसमें इसकी तकनीकी संरचना, उपयोगिता और कार्यप्रणाली समझाई गई। इसके पश्चात डाउट क्लियरेंस सत्र आयोजित कर प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। दूसरे दिन फील्ड विजिट के माध्यम से वास्तविक परिस्थितियों में आने वाली समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया समझाई गई, जिससे प्रशिक्षण और अधिक व्यावहारिक बन सका।
प्रशिक्षण में केंद्र सरकार के स्टेकहोल्डर तथा म.प्र. स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कार्पोरेशन (MPSEDC) के जीआईएस विशेषज्ञ विजय वर्मा और अमल घोष सहित राज्य स्तरीय जीआईएस एक्सपर्ट टीम के सदस्य संदीप प्रजापति, हेमंत डनसेना, रमेश मिश्रा, भीम हरदेल और प्रदीप वर्मा उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने सॉफ्टवेयर के तकनीकी पहलुओं और उसके प्रभावी उपयोग पर विस्तृत जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में राजस्व विभाग के सहायक अधीक्षक भू अभिलेख, राजस्व निरीक्षक, पटवारी, चैनमैन, निगम के सहायक राजस्व निरीक्षक, प्लेसमेंट कर्मचारी एवं थर्ड पार्टी सर्वेयर शामिल हुए। मास्टर ट्रेनर दीपचंद भारती ने नक्शा प्रोजेक्ट की अवधारणा और इसकी प्रशासनिक उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए नगर निगम धमतरी से जुड़े पहलुओं की जानकारी दी।
आयुक्त प्रिया गोयल ने शहरी अभिलेखों के त्रुटिरहित निर्माण, नागरिकों से आवश्यक जानकारी संग्रहण और डाटा की शुद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। वहीं, डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी भू-अभिलेख मनोज मरकाम ने पटवारी अभिलेख, नजूल रिकॉर्ड और व्यपवर्तन रिकॉर्ड के समुचित डेटा संकलन की प्रक्रिया विस्तार से समझाई।
जिले में नक्शा प्रोजेक्ट के तहत कुल 39,599 प्लॉट चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से अब तक 79,373 ग्राउंड ट्रुथिंग का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। यह कुल कार्य का 50.11 प्रतिशत है, जो प्रगति की संतोषजनक स्थिति को दर्शाता है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित समयसीमा के भीतर, विशेष रूप से बरसात शुरू होने से पहले, सभी कार्यों को पूर्ण किया जाए। उन्होंने गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों पर समान रूप से ध्यान देने की बात कही।









