Ro no D15139/23

प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की बैठक सम्पन्न

 

17 प्रकरणों पर की गई सुनवाई

06 प्रकरणों में सुनवाई पूर्ण, आदेश जारी करने के निर्देश

समिति कर रही है निष्पक्ष एंव समयबद्ध निर्णय

रायपुर, 12 फरवरी 2026/आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में आज उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की बैठक हुई। बैठक नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभाकक्ष में संपन्न हुई।

आज की बैठक में कुल 17 प्रकरणों की समीक्षा एवं सुनवाई की गई। इनमें जाति जांच प्रकरण से संबंधित 12 प्रकरणों में पक्षकार समिति के समक्ष उपस्थित हुए। 06 प्रकरणों की सुनवाई पूर्ण कर आदेश जारी करने के निर्देश दिए गए। 05 प्रकरणों में जाति प्रमाण पत्र धारकों को सुनवाई का एक और अंतिम अवसर प्रदान करते हुए आगामी बैठक में उपस्थित होकर अपनी जाति के संबंध में प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। 01 प्रकरण में विजिलेंस टीम को दुबारा मौके पर जाकर जाचं कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। वहीं 05 प्रकरणों में पक्षकार अनुपस्थित रहे।

बैठक में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर (सदस्य), आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की संचालक श्रीमती हिना अनिमेष नेताम (सदस्य सचिव), लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक श्री ऋतुराज रघुवंशी (सदस्य), संचालक, भू अभिलेख,  विनीत नंदंनवार, संयुक्त संचालक, टीआरटीआई  गायत्री नेताम (प्रभारी अधिकारी, जाति जांच प्रकोष्ठ),  रमा उइके (सदस्य), डॉ. अनिल विरूलकर (सदस्य) सहित जाति जाँच प्रकोष्ठ के  जितेन्द्र गुप्ता,  अंजनी भगत,  ईश्वर साहू उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति द्वारा नियमित अंतराल में बैठक आयोजित कर जाति प्रमाण पत्र एवं सामाजिक प्रस्थिति से संबंधी प्रकरणों का निपटारा किया जा रहा है। सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय से संबद्ध प्रकरणों पर भी नियमानुसार पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से सुनवाई कर प्रकरणों का शीघ्र निपटारा किया जा रहा है। आज की बैठक में बड़ी संख्या में पक्षकार एवं अधिवक्ता अपना पक्ष प्रस्तुत करने हेतु उपस्थित हुए।

विदित हो सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश में दिये गये मार्गदर्शी निर्देश एवं छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (सामाजिक प्रास्थिति के प्रमाणीकरण का विनियमन) अधिनियम 2013 में दिए गए प्रावधानों के अंतर्गत कुल 07 सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति का गठन किया गया है। समिति अर्द्ध न्यायिक स्वरूप में कार्य करते हुए निष्पक्ष एंव समयबद्ध निर्णय सुनिश्चित कर रही है।

  • Related Posts

    अबूझमाड़ के कस्तूरमेटा में ‘जल जीवन मिशन’ ने बदली जिंदगी *नदी-नालों के भरोसे रहने वाले 25 परिवारों के घर पहुंचा स्वच्छ पेयजल*

      ​ सोलर आधारित टंकी से मिल रहा नियमित पानी ​रायपुर, 06 जुलाई 2026 / छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और दुर्गम अबूझमाड़ क्षेत्र में विकास की एक नई किरण दिखाई दी…

    Read more

    अबूझमाड़ के जंगलों में महकेगी कॉफी बस्तर में कृषि-क्रांति की तैयारी

      ओडिशा के कोरापुट में ट्रेनिंग लेंगे अधिकारी ​रायपुर, 06 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ के वन क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन, पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आय दोगुनी करने के…

    Read more

    NATIONAL

    नयी दिल्ली में समीक्षा बैठक : अमित शाह का आदेश- अवैध कोयला खनन रोकें, सीआइएसएफ करे शक्तियों का इस्तेमाल

    नयी दिल्ली में समीक्षा बैठक : अमित शाह का आदेश- अवैध कोयला खनन रोकें, सीआइएसएफ करे शक्तियों का इस्तेमाल

    इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का दावा- अमेरिका ही नहीं, भारत भी हमारे साथ

    इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का दावा- अमेरिका ही नहीं, भारत भी हमारे साथ

    ममता बनर्जी ने भाजपा सरकार पर लगाये कई आरोप, कहा- मुझे हाउस अरेस्ट कर रखा है

    ममता बनर्जी ने भाजपा सरकार पर लगाये कई आरोप, कहा- मुझे हाउस अरेस्ट कर रखा है

    पलामू में उपायुक्त की पहल पर जर्जर स्कूल बना आधुनिक मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र, DSWO ने किया उद्घाटन

    पलामू में उपायुक्त की पहल पर जर्जर स्कूल बना आधुनिक मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र, DSWO ने किया उद्घाटन

    भारतीय सेमीकंडक्टर चिप लॉन्च : पीएम ने जमशेदपुर की तनीषा को सराहा, बोले- झारखंड की बेटियों ने सबसे अधिक प्रभावित किया

    भारतीय सेमीकंडक्टर चिप लॉन्च : पीएम ने जमशेदपुर की तनीषा को सराहा, बोले- झारखंड की बेटियों ने सबसे अधिक प्रभावित किया

    सांसद संजय जायसवाल का बड़ा बयान, ‘पाकिस्तान तय करे आतंकवाद चाहिए या पानी’

    सांसद संजय जायसवाल का बड़ा बयान, ‘पाकिस्तान तय करे आतंकवाद चाहिए या पानी’