Ro no D15139/23

विकास का नया सेतु: जब पिनगुंडा नाला पर बनी पुलिया ने बदली ओरछा की तकदीर

रायपुर,05 जुलाई 2026 (IMNB NEWS AGENCY)

 

अबूझमाड़ के दुर्गम अंचलों में जब मानसून दस्तक देता था, तो वह अपने साथ प्राकृतिक सुंदरता ही नहीं, बल्कि ओरछा क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों के लिए दुश्वारियों का दौर भी लेकर आता था। हर साल बारिश के चार महीने यहाँ के लोगों के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं होते थे। लेकिन इस साल तस्वीर जुदा है। नारायणपुर के ओरछा क्षेत्र में पिनगुंडा नाला पर बनी नई बॉक्स पुलिया ने विकास की एक नई इबारत लिख दी है। यह पुलिया सिर्फ कंक्रीट का ढांचा नहीं, बल्कि क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए खुशहाली और कनेक्टिविटी का एक नया ‘लाइफलाइन’ बन चुकी है।

 

*संकट का सबब था पिनगुंडा नाला*

 

पल्ली-छोटेडोंगर-ओरछा मार्ग पर स्थित पिनगुंडा नाला सालों से नारायणपुर और ओरछा के बीच एक अभेद्य दीवार बना हुआ था। मानसून के आते ही नाला उफान पर आ जाता, जिससे तहसील मुख्यालय ओरछा सहित दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट जाता था। उफनते नाले के कारण एम्बुलेंस नहीं आ पाती थी और गंभीर मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुँच पाते थे। नदी-नाले पार करने के जोखिम के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई हफ्तों बाधित रहती थी। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति ठप हो जाती थी और स्थानीय ग्रामीणों की कृषि उपज मंडियों तक नहीं पहुँच पाती थी।

 

*258 लाख रुपए की लागत से मिला स्थायी समाधान*

 

ग्रामीणों की इस दशकों पुरानी और बुनियादी समस्या को संवेदनशीलता से लेते हुए शासन द्वारा यहाँ एक सुदृढ़ पुलिया निर्माण की कार्ययोजना तैयार की गई। इस आधुनिक बॉक्स ब्रिज के बन जाने से बारिश के दिनों में भी नारायणपुर से ओरछा तक का मार्ग पूरी तरह निर्बाध और सुरक्षित हो गया है। घंटों का इंतजार और मीलों लंबा वैकल्पिक सफर अब गुजरे जमाने की बात हो गई है।

 

*बदलाव की बयार: बहुआयामी लाभ*

 

इस एकल परियोजना ने ओरछा क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। सुरक्षित और सुगम मार्ग मिलने से ग्रामीणों के ईंधन और कीमती समय, दोनों की बचत हो रही है। आपातकालीन चिकित्सा सेवाएँ अब बिना किसी रुकावट के सीधे गांवों तक पहुँच रही हैं। साथ ही शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन भी आसान हुआ है। इसके साथ ही कृषि उपजों और दैनिक उपभोग की वस्तुओं का परिवहन आसान होने से स्थानीय व्यापार को एक नई गति मिली है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह पुल नहीं, हमारा बेहतर भविष्य है। यह निर्माण उनके जीवन की सबसे बड़ी सौगातों में से एक है। सालों से हम इस नाले के सामने बेबस थे। बीमारों को खाट पर लादकर ले जाना पड़ता था। अब इस पुलिया के बनने से हमारी जिंदगी का सबसे बड़ा डर दूर हो गया है। यह पुल सिर्फ आने-जाने का साधन नहीं, बल्कि हमारे बच्चों के बेहतर भविष्य का रास्ता है।

  • Related Posts

    कांग्रेसी झूठे नैरेटिव सेट कर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है: अनुराग सिंहदेव

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने त्वरित निर्णय करते हुए 66 कब्जाधारियों को आवास मुहैया कराया, नवा रायपुर के सेक्टर 30 में 1200 परिवार पहले से निवासरत है जहां सभी आवश्यक सुविधाएं…

    Read more

    जिले में 05 जुलाई को 268.4 मिमी औसत वर्षा

    जशपुरनगर 05 जुलाई 2026/ जशपुर जिले में 01 जून से 05 जुलाई 2026 तक 1531.7 मिमी औसत वर्षा हो चुकी है। जिले में बीते 10 वर्षों की तुलना में 05…

    Read more

    NATIONAL

    पलामू में उपायुक्त की पहल पर जर्जर स्कूल बना आधुनिक मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र, DSWO ने किया उद्घाटन

    पलामू में उपायुक्त की पहल पर जर्जर स्कूल बना आधुनिक मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र, DSWO ने किया उद्घाटन

    भारतीय सेमीकंडक्टर चिप लॉन्च : पीएम ने जमशेदपुर की तनीषा को सराहा, बोले- झारखंड की बेटियों ने सबसे अधिक प्रभावित किया

    भारतीय सेमीकंडक्टर चिप लॉन्च : पीएम ने जमशेदपुर की तनीषा को सराहा, बोले- झारखंड की बेटियों ने सबसे अधिक प्रभावित किया

    सांसद संजय जायसवाल का बड़ा बयान, ‘पाकिस्तान तय करे आतंकवाद चाहिए या पानी’

    सांसद संजय जायसवाल का बड़ा बयान, ‘पाकिस्तान तय करे आतंकवाद चाहिए या पानी’

    पद्म विभूषण तीजन बाई को भावभीनी श्रद्धांजलि: छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की अमर आवाज़ हुई शांत

    पद्म विभूषण तीजन बाई को भावभीनी श्रद्धांजलि: छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की अमर आवाज़ हुई शांत

    प्रधानमंत्री ने पंडवानी गायिका तीजन बाई जी के निधन पर शोक व्यक्त किया

    प्रधानमंत्री ने पंडवानी गायिका तीजन बाई जी के निधन पर शोक व्यक्त किया

    ममता बनर्जी की जनहित योजनाओं को बंद नहीं करेगी शुभेंदु अधिकारी सरकार, लाभार्थियों की होगी सघन जांच

    ममता बनर्जी की जनहित योजनाओं को बंद नहीं करेगी शुभेंदु अधिकारी सरकार, लाभार्थियों की होगी सघन जांच