
इस नई रीचार्ज प्रणाली को सुचारू रखने के लिए बिजली विभाग रीचार्ज खत्म होने के 7 दिन पहले से ही संबंधित विभाग के पंजीकृत नोडल अधिकारी के मोबाइल पर एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से अलर्ट भेजना शुरू कर देगा। इसके साथ ही विभाग अपनी दैनिक खपत, बची हुई शेष राशि (बैलेंस) और रीचार्ज खत्म होने की संभावित अवधि की जानकारी मोर बिजली ऐप और विभागीय वेबसाइट पर लाइव देख सकेंगे। व्यवस्था की एक बड़ी खूबी यह है कि पूरे विभाग या जिले के कनेक्शनों को एक समूह (ग्रुप आईडी) के रूप में ट्रीट किया जाएगा, जिससे जब तक ग्रुप का ओवरऑल बैलेंस रहेगा, किसी भी व्यक्तिगत कार्यालय की बिजली नहीं कटेगी। बैलेंस शून्य होने की स्थिति में भी तुरंत बिजली नहीं काटी जाएगी, बल्कि तिमाही समाप्त होने के 15 दिनों बाद तक रिचार्ज न होने पर ही मीटर से स्वतः कनेक्शन विच्छेदित होगा। यदि किसी अनिवार्य कारण से लाइन कट भी जाती है, तो मोर बिजली एप चैटबॉट पर केवल एक रिक्वेस्ट भेजकर आपातकालीन स्थिति में कनेक्शन को 7 दिनों के लिए दोबारा चालू कराया जा सकेगा। रिचार्ज सफल होने के अधिकतम 60 मिनट के भीतर बिजली स्वतः चालू हो जाएगी और तकनीकी समस्या होने पर हेल्पलाइन नंबर 1912 पर शिकायत के 6 घंटे के भीतर इसे चालू करने का प्रावधान है। इस पूरी व्यवस्था को जिला स्तर पर सुगम बनाने के लिए इसके अतिरिक्त राज्य स्तर पर प्रीपेड मॉनिटरिंग सेल को सिंगल टच पॉइंट बनाया गया है, जहां वरिष्ठ अधिकारी मॉनिटरिंग और सहायता के लिए तैनात रहेंगे। किसी भी प्रकार की शंका के निवारण हेतु प्रतिदिन दोपहर 12 से 1 बजे के बीच गूगल-वीडियो मीट के माध्यम से विशेष सहायता सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं ताकि इस बदलाव को आपसी समन्वय से सफल बनाया जा सके।









