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किसानों के आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में बड़ा कदम – धमतरी जिले में शुरू हुआ ऑयल पाम का पौधारोपण’

’कृषक मोहन साहू के खेत में एक हेक्टेयर क्षेत्र में लगाया गया ऑयल पाम’

धमतरी । किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में धमतरी जिला प्रशासन निरंतर नवाचारों को प्रोत्साहित कर रहा है। इसी कड़ी में आज ग्राम डूमरपाली में कृषक मोहन साहू के खेत में एक हेक्टेयर क्षेत्र में ऑयल पाम का पौधारोपण कृषि एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा अम्मा ऑयल पाम के क्षेत्रीय कर्मचारी की उपस्थिति में प्रारंभ किया गया।

’धमतरी जिले में ऑयल पाम की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए अम्मा ऑयल पाम प्लांटेशन लिमिटेड हैदराबाद को अधिकृत किया गया है। यह संस्था किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन के साथ.साथ उत्पाद की खरीदी भी सुनिश्चित करेगी। चयनित किसानों द्वारा अब तक 11.90 हेक्टेयर क्षेत्र हेतु 1703 पौधों का भंडारण किया जा चुका है।’

’गत माह सितंबर के प्रथम सप्ताह में किसानों को ऑयल पाम खेती की उन्नत तकनीक और संभावनाओं से परिचित कराने के लिए कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में अध्ययन भ्रमण दल को रवाना किया गया था। इस दल में जिले के 8 गांवों के 30 चयनित किसानए 3 कृषि विस्तार अधिकारी एवं 2 उद्यान विस्तार अधिकारी शामिल थे,जिन्होंने महासमुंद जिले के ग्राम भलेसर स्थित कृषि प्रक्षेत्रों का अवलोकन किया।’

’ऑयल पाम खेती को मिलेगी नई पहचान’

’जिले को नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल्स एंड ऑयल पाम के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए 300 हेक्टेयर क्षेत्र में ऑयल पाम खेती का लक्ष्य मिला है। योजना के तहत किसानों को पौध रोपण,रखरखाव,अंतरवर्ती फसल,फेंसिंग एवं ड्रिप सिंचाई पर अनुदान दिया जाएगा। साथ ही दो हेक्टेयर फसल प्रदर्शन हेतु नलकूप खनन और पंप प्रतिस्थापन पर अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाएगी। प्रत्येक किसान को अधिकतम ₹2,51,250 तक की अनुदान राशि प्राप्त हो सकेगी।’

’कम लागत, अधिक मुनाफा’

’ कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने बताया कि ऑयल पाम पौधारोपण के 3-4 वर्ष बाद उत्पादन देना शुरू करता है और लगभग 30 वर्षों तक लगातार उत्पादन प्राप्त होता है। प्रति हेक्टेयर औसत उत्पादन 20-25 टन प्रतिवर्ष होता हैए जिसका वर्तमान बाजार मूल्य लगभग ₹1700 प्रति क्विंटल है। यह फसल पथरीली या कम उपजाऊ भूमि में भी आसानी से उगाई जा सकती है तथा जंगली या पालतू पशुओं से भी सुरक्षित रहती है।’

’कलेक्टर श्री मिश्रा ने किसानों से आह्वान किया कि वे पारंपरिक फसलों की बजाय ऑयल पाम जैसी उच्च आय देने वाली फसलों को अपनाएँ। जिला प्रशासन किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन एवं सभी स्तर पर सहयोग प्रदान करेगाए जिससे उन्हें स्थायी और समृद्ध कृषि आय प्राप्त हो सके।’

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