Ro no D15139/23

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु ऑनलाईन पंजीयन की तिथि जारी

 

धमतरी, 18 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य के निवासी शासकीय/अशासकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, आई०टी०आई० एवं जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान आदि में अध्ययनरत अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछडा वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा सत्र 2026-27 हेतु ऑनलाईन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कक्षा 12 वी से उच्चतर) के पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की कार्यवाही https://postmatric-scholarship.cg.nic.in/ वेबसाइट पर ऑनलाईन की जा रही है।
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग ने बताया कि इसके अंतर्गत विभाग द्वारा ऑनलाईन आवेदन की अंतिम तिथि निर्धारित है। शैक्षणिक वर्ष 2026-27 नवीनीकरण छात्रवृत्ति के लिए छत्तीसगढ़ राज्य में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए ऑनलाईन छात्रवृत्ति आवेदन 30 दिसंबर 2026 तक आमंत्रित किये गए हैं। शैक्षणिक वर्ष 2026-27 नवीन छात्रवृत्ति के लिए छत्तीसगढ़ राज्य में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए ऑनलाईन छात्रवृत्ति आवेदन 30 दिसंबर 2026 तक आमंत्रित किये गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्राप्त नवीनीकरण एवं नवीन आवेदनों का परीक्षण और स्वीकृति संबंधी समस्त कार्यवाही समयावधि में वितरण तिथि के पूर्व स्वीकृतकर्ता अधिकारी द्वारा पूर्ण कर लिया जाए, जिससे सक्षम प्राधिकारी द्वारा छात्रवृत्ति का सम्पूर्ण वितरण एवं भुगतान माह जनवरी 2027 तक पूर्ण किया जा सकें।
छात्रवृत्ति हेतु पात्रता निर्धारित-
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विद्यार्थियों के पालक की आय-सीमा 2.50 लाख रूपये प्रतिवर्ष और अन्य पिछडा वर्ग हेतु आय-सीमा एक लाख रूपये प्रतिवर्ष, सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्थाई जाति प्रमाण पत्र, छ.ग. का मूल निवास प्रमाण पत्र, विद्यार्थी के अध्ययनरत् पाठ्यक्रम के विगत वर्ष का परीक्षा परिणाम।
PFMS के माध्यम से आधार सीडेंड बैंक खाते में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान किया जा रहा है। सभी विद्यार्थियों को अपने सक्रिय एवं आधार सीडेड बैंक खाते की प्रविष्टि आनलाईन आवेदन करते समय सुनिश्वित करने कहा गया है। वर्ष 2026-27 में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियो को NSP Portal से OTR (One Time Registration) प्राप्त करना आवश्यक है। इसके लिए राज्य छात्रवृत्ति पोर्टल में प्रदाय निर्देशों का अवलोकन किया जा सकता है। वर्ष 2026-27 में नवीन संस्था के संस्था प्रमुख एवं संस्था के छात्रवृत्ति प्रभारी का Biometric- Authentication किया जाना अनिवार्य है।

  • Related Posts

    राष्ट्रपति भवन में गूंजी धमतरी की मांदर थाप, सरईटोला के कलाकारों ने राष्ट्रीय मंच पर बिखेरी छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की छटा

      स्वतंत्रता दिवस पर नई दिल्ली में हुई पारंपरिक लोकनृत्य की गरिमामयी प्रस्तुति, ग्रामीण अंचल की सांस्कृतिक विरासत को मिला राष्ट्रीय सम्मान धमतरी, 18 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ की धरती अपनी…

    Read more

    बस्तर में कनेक्टीविटी बढ़ाने विशेष जोर, सड़कों और पुल-पुलियों के काम दिसम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश

      लोक निर्माण विभाग के सचिव ने अधिकारियों और ठेकेदारों की बैठक लेकर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण कर कार्यों में तेजी लाने कहा, हर…

    Read more

    NATIONAL

    युवाओं के लिए CM योगी की नसीहत, ड्रग्स और स्मार्टफोन के नशे से रहें दूर

    युवाओं के लिए CM योगी की नसीहत, ड्रग्स और स्मार्टफोन के नशे से रहें दूर

    UP Election 2027: हैट्रिक के मिशन पर CM योगी का मास्टर प्लान तैयार, एक फैसले से बढ़ सकती है विपक्ष की मुश्किल

    UP Election 2027: हैट्रिक के मिशन पर CM योगी का मास्टर प्लान तैयार, एक फैसले से बढ़ सकती है विपक्ष की मुश्किल

    डोनाल्ड ट्रंप को पसंद आया भारत का वोटर आईडी सिस्टम, ज्ञानेश कुमार का नाम लेकर की तारीफ

    डोनाल्ड ट्रंप को पसंद आया भारत का वोटर आईडी सिस्टम, ज्ञानेश कुमार का नाम लेकर की तारीफ

    रांची के पहाड़ी मंदिर समेत शिवालयों में उमड़ेगी भीड़, जानें सावन सोमवार और नाग पंचमी पूजा का विशेष महत्व

    रांची के पहाड़ी मंदिर समेत शिवालयों में उमड़ेगी भीड़, जानें सावन सोमवार और नाग पंचमी पूजा का विशेष महत्व

    15 अगस्त पर Instagram Post को बनाएं यादगार, तिरंगे वाली फोटो के लिए देखें 25+ कैप्शन

    15 अगस्त पर Instagram Post को बनाएं यादगार, तिरंगे वाली फोटो के लिए देखें 25+ कैप्शन

    पाकिस्तान में कैसे ‘जिहाद’ बना State Policy? General Zia ने 1979 में बदली रणनीति, तैयार हुआ ‘Proxy War’ का मॉडल

    पाकिस्तान में कैसे ‘जिहाद’ बना State Policy? General Zia ने 1979 में बदली रणनीति, तैयार हुआ ‘Proxy War’ का मॉडल