Ro no D15139/23

नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन-2025 सम्पत्ति विरूपण निवारण के संबंध में आदेश जारी

कोरबा 21 जनवरी 2025/कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2025 के दौरान राजनीतिक दलों एवं उनके अभ्यर्थियों द्वारा चुनाव प्रचार करने के लिए शासकीय व अशासकीय भवनों पर नारे लिखे जाने तथा विद्युत एवं टेलीफोन के खम्भों पर चुनाव प्रचार से सम्बन्धित झंडिया लगाये जाने के कारण शासकीय व अशासकीय सम्पत्ति का स्वरूप विकृत हो जाता है। संपत्ति विरूपण निवारण के संबंध में आदेश जारी किया है।

जारी आदेश अनुसार छत्तीसगढ़ सम्पत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 की धारा 03 में निहित प्रावधानानुसार कोई भी व्यक्ति जो सम्पत्ति के स्वामी की लिखित अनुज्ञा के बिना सार्वजनिक दृष्टि में आने वाली किसी सम्पत्ति को स्याही, खडिय़ा, रंग या किसी अन्य पदार्थ से लिख कर या चिन्हित कर के उसे विरूपित करेगा, वह जुर्माने से जो एक हजार रूपया तक का हो सकेगा, दण्डनीय होगा। इस अधिनियम के अधीन दण्डनीय कोई भी अपराध संज्ञेय होगा। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सम्पत्ति विरूपण के संदर्भ में राज्य में प्रचलित विधि के प्रावधानों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। छत्तीसगढ़ सम्पत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 के प्रावधानों का कठोरतापूर्वक अनुपालन सुनिश्चित करते हुए प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। सम्पूर्ण चुनाव प्रक्रिया के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों अथवा चुनाव लडऩे वाले अभ्यर्थियों द्वारा शासकीय एवं अशासकीय भवनों की दीवालों पर किसी भी प्रकार के नारे लिख कर विकृत किया जाता है, तो उनके विरूद्ध छत्तीसगढ़ सम्पत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। सभी नगरीय एवं पंचायत निकायों में पर्याप्त संख्या में टीम का गठन किया गया है। टीम सघन भ्रमण कर विरूपित सम्पत्ति को, सम्पत्ति विरूपण करने वाले के व्यय पर पूर्व स्वरूप में लाएगी तथा टीम द्वारा सम्पत्ति विरूपण करने वाले तत्वों के विरूद्ध अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी राजनीतिक दल या निर्वाचन लडऩे वाले अभ्यर्थी द्वारा किसी निजी सम्पत्ति को बिना उसके स्वामी की लिखित सहमति के विरूपित किया जाता है, तो निजी सम्पत्ति के स्वामी द्वारा सम्बन्धित थाने में सूचना दर्ज कराने के बाद गठित टीम निजी सम्पत्ति को विरूपित होने से बचाने की कार्रवाई की जाएगी एवं सम्बन्धित थाना प्रभारी, प्रदत्त सूचना रिपोर्ट पर विधिवत् जांच कर सक्षम न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया जायेगा। इसी प्रकार किसी धार्मिक स्थल का उपयोग किसी भी रूप में चुनाव प्रचार-प्रसार के लिए नहीं किया जायेगा। थाना प्रभारी द्वारा सम्पत्ति विरूपण से सम्बन्धित प्राप्त शिकायतों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की जायेगी। सम्बन्धित टीम शिकायत या उन्हें प्राप्त सम्पत्ति विरूपण के प्रकरणों को पृथक पंजी में दर्ज करेगी एवं विरूपित संपत्ति की फोटोग्राफी/विडियोग्राफी करायेगी।

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