Friday, February 23

लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रधानमंत्री की टिप्पणी का मूल पाठ

New Delhi (IMNB).

आदरणीय अध्यक्ष जी,

आपने मुझे बोलने के लिए अनुमति दी, समय दिया इसके लिए मैं आपका बहुत आभारी हूं।

आदरणीय अध्यक्ष जी,

मैं सिर्फ 2-4 मिनट लेना चाहता हूं। कल भारत की संसदीय यात्रा का एक स्वर्णिम पल था। और उस स्वर्णिम पल के हकदार इस सदन के सभी सदस्य हैं, सभी दल के सदस्य हैं, सभी दल के नेता भी हैं। सदन में हो या सदन के बाहर हो वे भी उतने ही हकदार हैं। और इसलिए मैं आज आपके माध्यम से इस बहुत महत्वपूर्ण निर्णय में और देश की मातृशक्ति में एक नई ऊर्जा भरने में, ये कल का निर्णय और आज राज्‍य सभा के बाद जब हम अंतिम पड़ाव भी पूरा कर लेंगे, देश की मातृशक्ति का जो मिजाज बदलेगा, जो विश्वास पैदा होगा वो देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली एक अकल्पनीय, अप्रतीम शक्ति के रूप में उभरेगा ये मैं अनुभव करता हूं। और इस पवित्र कार्य को करने के लिए आप सब ने जो योगदान दिया है, समर्थन दिया है, सार्थक चर्चा की है, सदन के नेता के रूप में, मैं आज आप सबका पूरे दिल से, सच्चे दिल से आदरपूर्वक अभिनंदन करने के लिए खड़ा हुआ हूं, धन्यवाद करने के लिए खड़ा हूं।

नमस्कार।

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