
रायपुर। पहलगाम में निर्दोष भारतीय नागरिकों की नृशंस हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। छत्तीसगढ़ डायोसिस, चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया (CNI) इस जघन्य आतंकी हमले की कड़ी भर्त्सना करता है। डायोसिस के सचिव श्री नितिन लॉरेंस ने इस हमले को मानवता के खिलाफ घोषित युद्ध बताया और कहा, “जो राक्षसी प्रवृत्ति के लोग निहत्थे, निर्दोष नागरिकों पर गोलियाँ बरसाते हैं, वे इंसान कहलाने लायक नहीं। ऐसे नरपिशाचों को इस धरती पर रहने का कोई हक नहीं है।”
उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है जब भारत को केवल शोक नहीं बल्कि प्रतिशोध का भी परिचय देना होगा। “आतंकी चाहे सीमा पार से हों या भीतर के गद्दार हों – उन्हें खोज-खोजकर, बिलों में घुसकर खत्म करना होगा। यह समय कड़ा संदेश देने का है कि भारत अब चुप नहीं बैठेगा, अब वार नहीं, प्रतिकार होगा।”
श्री लॉरेंस ने कहा कि यह हमला केवल जम्मू-कश्मीर पर नहीं, यह पूरे भारत पर हमला है – और इसका उत्तर सीमित नहीं होना चाहिए। “देश को तोड़ने की कोशिश करने वाले इन कायरों को उनकी औकात दिखानी होगी। एक-एक गद्दार का हिसाब लिया जाएगा – चाहे वह सीमा पार हो या देश के भीतर छिपा हो।”
डायोसिस ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि आतंकियों के खिलाफ निर्णायक कार्यवाही की जाए और उन्हें इस धरती से हमेशा के लिए मिटा दिया जाए। “यह समय केवल निंदा का नहीं, निर्णायक कार्यवाही का है। जब कोई हमारे घर में घुसकर हमारे लोगों को मारता है, तो अब हमारी चुप्पी भी अपराध है,” श्री लॉरेंस ने कहा।
डायोसिस ने इस हमले में शहीद नागरिकों को श्रद्धांजलि दी है और उनके परिवारों के साथ पूर्ण संवेदना व्यक्त की है। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए, डायोसिस द्वारा विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया, जिसमें शांति के साथ-साथ देश को आतंक से मुक्त करने के लिए दैवीय शक्ति की कामना की गई।
“छत्तीसगढ़ डायोसिस सरकार द्वारा आतंकवाद के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी सैन्य या रणनीतिक कार्यवाही का पूर्ण समर्थन करता है। भारत अब केवल सहिष्णु राष्ट्र नहीं रहेगा, बल्कि न्याय के लिए कठोरतम कदम उठाने वाला राष्ट्र बनकर उभरेगा।”









