वॉशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए दावे ने दुनिया को चौंका दिया है. ट्रंप का कहना है कि पाकिस्तान परमाणु हथियारों का परीक्षण कर रहा है. उन्होंने कहा कि रूस और चीन भी परमाणु हथियारों का परीक्षण कर रहे हैं. ऐसे में अमेरिका को फिर से परमाणु परीक्षण शुरू करने की जरूरत है. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका के पास इतने परमाणु हथियार हैं कि दुनिया को 150 बार नष्ट किया जा सकता है, लेकिन रूस और चीन की गतिविधियों के चलते टेस्ट करना जरूरी है. लेकिन ट्रंप की जिस बात ने पूरे दक्षिण एशिया को हैरान कर दिया है, वो है पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के परीक्षण वाली बात.
परमाणु हथियारों को लेकर अलग-अलग पॉलिसी
भारत और पाकिस्तान दोनों ही देशों के पास परमाणु हथियार हैं और जब दोनों के बीच तनाव बढ़ता है तो दुनिया की नजर भारत-पाकिस्तान के परमाणु जखीरे पर होती है. हालांकि परमाणु हथियारों को लेकर भारत और पाकिस्तान की नीति अलग-अलग है. पाकिस्तान की नीति है कि अगर उसे अपनी सुरक्षा पर खतरा महसूस हो तो वो पहले परमाणु हथियार इस्तेमाल कर सकता है. इसे ‘फर्स्ट यूज पॉलिसी’ कहा जाता है.
हालांकि भारत की पॉलिसी है कि वो पहले परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेगा. लेकिन जब पहलगाम आतंकी हमले के बाद, भारत और पाकिस्तान के बीच जंग छिड़ी, तो ऑपरेशन सिंदूर के सामने पाकिस्तान ने 4 दिन में ही सरेंडर कर दिया. भारत ने पाकिस्तान के ना सिर्फ 9 आतंकी अड्डे ध्वस्त कर दिए बल्कि 11 एयरबेस भी उड़ा दिए. भारत से जंग में मात खाया पाकिस्तान सीधे अमेरिका की गोद में जा बैठा.
भारत को भी करनी होगी ‘टू फ्रंट वॉर’ की तैयारी
फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ दोनों ने ही ट्रंप से मुलाकात की. अब डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को लेकर एक बड़ा दावा कर दिया है. ट्रंप ने कहा है कि नॉर्थ कोरिया, रूस, चीन और पाकिस्तान परमाणु हथियारों का परीक्षण कर रहे हैं. अब अगर भारत के दोनों पड़ोसी, चीन और पाकिस्तान न्यूक्लियर हथियारों का टेस्ट कर रहे हैं तो स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है.
भारत के हाइड्रोजन बम से खौफ में पाकिस्तान
हाइड्रोजन बम, परमाणु बम से कहीं ज्यादा घातक और विनाशकारी होता है. ऐसे में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत अब्दुल बासित ने चेतावनी दी है कि भारत जल्द ही एक नए थर्मोन्यूक्लियर यानी हाइड्रोजन बम का परीक्षण कर सकता है. आपको बता दें कि 1998 में भारत ने पोखरण में 5 परमाणु परीक्षण किए थे, जिनमें से एक थर्मोन्यूक्लियर बताया गया. इसके 17 दिन बाद पाकिस्तान ने भी 6 परीक्षण किए थे. उस समय दोनों देशों के बीच परमाणु संतुलन स्थापित हुआ था लेकिन अब अगर भारत दोबारा परीक्षण करता है तो यह संतुलन फिर से बिगड़ सकता है.
डोनाल्ड ट्रंप के दावे ने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है. अमेरिका ने खुद फिर से परमाणु परीक्षण शुरू करने का संकेत दिया है, तो भारत को भी इसका बहाना मिल सकता है. अगर अमेरिका खुलेआम टेस्ट करता है तो भारत भी कह सकता है कि वो अपने सुरक्षा हित में ऐसा कर रहा है. अब डर के मारे पाकिस्तान के लोग ट्रंप को कोस रहे हैं. 1998 के बाद से उसने कोई परमाणु टेस्ट नहीं किया है.
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