
PM Modi Australia Visit : प्रधानमंत्री मोदी अपने तीन देशों के दौरे में गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया पहुंचे. जहां उन्होंने पीएम एंथनी अल्बानीज़ के साथ भारत-ऑस्ट्रेलिया CEO फोरम और आर्थिक रोडमैप बिजनेस रिसेप्शन में भाग लिया.
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, “आप सभी की उपस्थिति हमारे साझा विश्वास और आकांक्षाओं को बताती है. आज दुनिया आपूर्ति श्रृंखला में रुकावट और ऊर्जा संकट के दौर से गुजर रही है. ऐसे समय में भारत और ऑस्ट्रेलिया का स्वाभाविक और भरोसेमंद साझेदार के रूप में आगे बढ़ना आवश्यक है. पिछले कुछ वर्षों में, हमने दोनों देशों की क्षमताओं को मिलाकर भविष्य के सहयोग के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार किया है.”
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
पीएम मोदी इंडोनेशिया की अपनी यात्रा समाप्त कर ऑस्ट्रेलिया पहुंचे. उनका मेलबर्न में भारतीय समुदाय द्वारा भव्य स्वागत किया गया. इस दौरान दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों की झलक को दिखाती कई प्रस्तुतियां पेश की गई.
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण
एएनआई की रिपोर्ट में बताया गया कि सांस्कृतिक कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण ऑस्ट्रेलियाई-भारतीय ऑर्केस्ट्रा द्वारा प्रस्तुत ‘मां तुझे सलाम’ था. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कार्यक्रम का एक वीडियो भी शेयर किया. उन्होंने प्रदर्शन को शानदार बताया और कहा कि इससे पता चलता है कि संगीत दोनों देशों के नागरिकों के बीच संबंधों को कैसे गहरा करता है.
वंदे मातरम एक वैश्विक अपील : PM मोदी
उन्होंने आगे टिप्पणी की कि इस प्रस्तुति ने वंदे मातरम की वैश्विक अपील को रेखांकित किया, विशेष रूप से तब जब भारत इस ऐतिहासिक गीत की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने रॉन मरे और डॉ. सैम इवांस द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक ऑस्ट्रेलियाई डिडगेरिडू और भारतीय तबला के एक अनूठे संगीतमय संगम को भी देखा.
भारत-ऑस्ट्रेलिया के गहरे सांस्कृतिक संबंध
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह प्रस्तुति दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक बंधन को दर्शाती है. उन्होंने संगीतकारों द्वारा अपनी पारंपरिक कलाओं को जीवित रखने के लिए उनकी सराहना की. इसके अतिरिक्त, उन्होंने कथक प्रस्तुति देखी और कहा कि ऑस्ट्रेलिया में भारतीय शास्त्रीय नृत्य रूपों की बढ़ती लोकप्रियता को देखकर मन उत्साह से भर जाता है.
तीन दिवसीय यात्रा के दौरान कार्यक्रम
अपनी तीन दिवसीय यात्रा के दौरान, दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच रक्षा और सुरक्षा, व्यापार और निवेश, शिक्षा, गतिशीलता, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, खेल और जन-संबंधों जैसे विषयों पर व्यापक चर्चाएं होनी हैं.






