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प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अनगिनत आकांक्षाओं के पूरा होने की दास्तां…

– प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का जिले में हो रहा प्रभावी क्रियान्वयन
– जिले में एक वर्ष में 20186 आवास निर्माण कार्य हुए पूर्ण
– पिछले 5 वर्षों में पूर्णता का प्रतिशत 98.83 प्रतिशत
– आवासों की पूर्णता की प्रगति शासन, प्रशासन एवं ग्रामीण के समन्वित प्रयासों का परिणाम
राजनांदगांव 15 अक्टूबर 2025। प्रधानमंत्री आवास योजना अनगिनत आकांक्षाओं के पूरा होने की दास्तां है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण परिवर्तन ला रही है। पक्के घर बनने से आर्थिक दृष्टि से कमजोर वर्ग को सम्मान और सुरक्षा मिल रही है। अपना आशियाना बन जाने से जनमानस  को राहत मिली है। एक ओर जहां उनको कच्चे मकान के कारण होने वाली दिक्कत से मुक्ति मिली है, वहीं उनके जीवन स्तर का उन्नयन हुआ है। जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना का प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत जिले में वर्ष 2016-17 से 2022-23 तक 27442 आवास स्वीकृत था, जिसके विरूद्ध 27122 आवासों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। पिछले 5 वर्षों में पूर्णता का प्रतिशत 98.83 प्रतिशत है।
शासन द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत वर्ष 2024-25 में जिले को 34784 आवास निर्माण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। जिसमें से 30552 हितग्राहियों के आवास स्वीकृति के तुरंत बाद हितग्राही को बैंक खाता में 40 हजार रूपए प्रथम किश्त की राशि का भुगतान किया गया है। एक वर्ष की उपलब्धि में 20186 आवास पूर्ण किया गया है, पूर्णता का प्रतिशत 66.07 है। आवासों की पूर्णता में पहले 248 दिवस लग रहा था, वर्तमान में 194 दिवसों में आवास पूर्ण किया जा रहा है। वर्ष 2024-25 के लिए निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासों से सराहनीय प्रगति हो रही है। योजना का क्रियान्वयन चरणबद्ध रूप में किया जाता है। जिसमें हितग्राहियों को मकान निर्माण की राशि 3 किस्तों में सीधे डीबीटी आधार बेस प्रणाली से उनके खातें में अंतरित की जाती है। जिले में अब तक स्वीकृति पश्चात 30162 लाभार्थियों को प्रथम किस्त का भुगतान किया जा चुका है, जो कुल स्वीकृति मकानों का 98 प्रतिशत से अधिक है। इन्हीं लाभार्थियों को मकान निर्माण प्रारंभ करने एवं प्लींथ स्तर तक कार्य पूर्ण करने उपरांत 25421 लाभार्थियों को मकान निर्माण की दूसरी किस्त भी दी जा चुकी है, जो कुल स्वीकृति का 83 प्रतिशत से अधिक है। लक्ष्य की प्राप्ति हेतु जिला स्तर से सतत निगरानी की जा रही है। साथ ही जनपद स्तर पर प्रत्येक ग्राम में स्वीकृत आवासों के निगरानी हेतु नोडल अधिकारी बनाया गया है और कार्यों की समीक्षा की जा रही है। जिनका कार्य ग्राम के हितग्राहियों से सीधे परस्पर समन्वय बनाना साथ ही उन्हें ग्राम स्तर पर ही आवास निर्माण की आवश्यक सामग्री ग्राम पंचायत के सचिव, आवास मित्र के सहयोग से उपलब्ध कराना है। कुल स्वीकृत 30552 आवासों में से 20186 आवास की पूर्णता की प्रगति न केवल शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि जिला प्रशासन और आम ग्रामीणजनों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। जिले में मकान निर्माण की निगरानी, स्वच्छता और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चत कर ग्रामीण विकास में एक नई पहचान गढ़ी जा रही है।

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