
*- कलेक्टर ने तुमड़ीबोड़ सेवा सहकारी समिति में पीएम-आशा योजना के तहत खरीदी व्यवस्था का किया औचक निरीक्षण*
*- किसानों के लिए खरीदी केंद्र में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए*
*- धान की जगह दलहन-तिलहन जैसी कम पानी वाली फसलें लेने के लिए किसानों को किया प्रोत्साहित*
*- पीएम आशा योजना के तहत समर्थन मूल्य पर खरीदी से किसानों की आय होगी अधिक*
राजनांदगांव 28 मार्च 2026 (IMNB NEWS AGENCY) कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण (पीएम-आशा) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ सुचारू रूप से उपलब्ध कराने के लिए तुमड़ीबोड़ सेवा सहकारी समिति का औचक निरीक्षण किया। जिले में पीएम आशा योजना के तहत समर्थन मूल्य पर किसानों से दलहन-तिलहन की खरीदी शुरू कर दी गई है। कलेक्टर ने तुमड़ीबोड़ सेवा सहकारी समिति में चना विक्रय करने पहुंचे ग्राम दर्राबांधा के किसान श्री कमल नारायण साहू से बातचीत की। किसान ने बताया कि उन्होंने धान को छोड़कर अन्य फसल लगाई है। दलहन-तिलहन फसलों में कम पानी का उपयोग होता है। किसान ने बताया कि चना का समर्थन मूल्य 5 हजार 875 रूपए प्रति क्विंटल है, जो ग्रीष्मकालीन धान के एमएसपी से कही अधिक है, जिससे किसानों को अधिक लाभ होगा। खरीदी केन्द्र में उपस्थित अन्य किसानों ने भी धान फसल छोड़कर अन्य फसल उत्पादन करने की बात कही।
कलेक्टर ने खरीदी केंद्र में तौल मशीन, बारदाना उपलब्धता, रिकॉर्ड संधारण, भंडारण, परिवहन एवं किसानों के भुगतान से संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसानों को खरीदी प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए तथा सभी व्यवस्थाएं पारदर्शी और समयबद्ध रूप से संचालित करें। कलेक्टर ने किसानों से चर्चा करते हुए पीएम आशा योजना के तहत उनकी उपज का समर्थन मूल्य पर खरीदी होने से होने वाले लाभ तथा समर्थन मूल्य की राशि समय पर मिलने की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने किसानों को बताया कि पीएम आशा योजना के तहत दलहन-तिलहन की समर्थन मूल्य पर खरीदी से उन्हें अधिक आय प्राप्त होगी और फसल विविधिकरण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने खरीदी केंद्रों की नियमित रूप से निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम-आशा योजना अंतर्गत समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन की खरीदी को अधिक सुचारू, पारदर्शी तरीके से खरीदी करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने बताया कि पीएम आशा योजना के तहत समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन खरीदी के लिए जिले के 15 सेवा सहकारी समितियों को रबी में चना, मसूर एवं सरसों की खरीदी के लिए उपार्जन केन्द्र के रूप में अधिसूचित किया है। साथ ही एक एफपीओ स्वर्ण उपज महिला कृषक उत्पादन सगठन सुकुलदैहान को अधिसूचित किया गया है। कलेक्टर ने किसानों को गर्मी के मौसम में धान जैसी अधिक पानी मांगने वाली फसलों के स्थान पर दलहन-तिलहन एवं कम पानी वाली फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने दलहन तिलहन फसलों के रकबे को बढ़ाने तथा गर्मी मौसम में धान फसल के स्थान पर चना, सरसों एवं मसूर जैसे फसलों को लेने कहा। कलेक्टर ने कहा कि फसल चक्र सुधारने से कृषि की स्थिरता बढ़ेगी और गांवों में जल संरक्षण के प्रयास मजबूत होंगे। किसानों ने बताया कि खरीफ में धान फसल लेने के बाद रबी में चना फसल कटाई पश्चात मार्च-अप्रैल में मूंग उड़द की फसल जो 70-75 दिन में पक कर तैयार हो जाती है। इसकी खेती करने से वे वर्ष में 3 फसल ले रहे है, जिससे उन्हें अधिक लाभ हो रहा है। किसान अब पीएम आशा के माध्यम से दलहन-तिलहन फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी होने से गर्मी धान को छोड़कर वैकल्पिक फसलों की ओर बढ़ रहे है।
डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम दर्राबांधा के किसान श्री कमल नारायण साहू ने बताया कि 50 क्विंटल चना विक्रय करने तुमड़ीबोड़ सेवा सहकारी समिति खरीदी केन्द्र पहुंचे हैं। जिससे उन्हें 5 हजार 875 प्रति क्विंटल की दर से 2 लाख 93 हजार रूपए की आमदनी होगी। साथ ही उनके द्वारा खरीफ में भी 23 क्विंटल सोयाबीन पीएम आशा योजना के तहत विक्रय किया गया था। जिससे उन्हें 5300 प्रति क्विंटल की दर से लगभग 1 लाख 21 हजार 900 रूपए प्राप्त हुआ है। किसानों ने बताया कि पीएम आशा योजना के माध्यम से दलहन तिलहन फसलों के क्षेत्र में वृद्धि होगी तथा किसान अत्मनिर्भर बनेगें।
उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा पीएम आशा योजना के तहत जिले के 15 सेवा सहकारी समितियों को रबी में चना, मसूर एवं सरसों की खरीदी के लिए उपार्जन केन्द्र के रूप में अधिसूचित किया है। साथ ही एक एफपीओ स्वर्ण उपज महिला कृषक उत्पादन संगठन सुकुलदैहान को अधिसूचित किया गया है। शासन द्वारा चना, मूसर के लिए 1 मार्च 2026 से लेकर 30 मई 2026 तक तथा सरसों फसल के लिए 15 फरवरी से 15 मई 2026 तक उपार्जन तिथि निर्धारित किया गया है। जिले के दलहन तिलहन का उत्पादन करने वाले किसानों को उनके उपज का उचित लाभ दिलाने के लिए चना फसल पर 5 हजार 875 रूपए, मसूर फसल पर 7 हजार रूपए तथा सरसों फसल पर 6 हजार 200 रूपए समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। जिले में अब तक 661 किसानों ने 974 हेक्टेयर चना, 324 किसानों द्वारा 214 हेक्टेयर मसूर तथा 122 किसानों द्वारा 120 हेक्टेयर रकबे के सरसों फसल का उपार्जन हेतु पंजीयन कराया जा चुका है। जिले में अब तक समर्थन मूल्य पर 238 क्विंटल चना, 265 क्विंटल मसूर का उपार्जन किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर, सहायक संचालक कृषि डॉ. बीरेन्द्र अनंत सहित ग्रामीण एवं किसान उपस्थित थे।
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