
कार्यक्रम ने आयुष क्षेत्र में सतत विकास और नवाचार के लिए एमएसएमई अवसरों का लाभ उठाने के लिए सामूहिक दृष्टि की पुष्टि की
नई दिल्ली । आयुष निर्यात संवर्धन परिषद (आयुष ईएक्ससीआईएल) द्वारा आज राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ और आयुष मंत्रालय के सहयोग से “विकास को बढ़ावा देना: आयुष उद्योग के लिए एसएमई योजनाएं और अवसर” शीर्षक से एक ज्ञानवर्धक औद्योगिक संवाद सत्र का आयोजन किया गया।
इस सत्र में कई विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी, जिनमें भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा; भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के सचिव श्री एस.सी.एल. दास; और सलाहकार, आयुष मंत्रालय, डॉ. कौस्तुभा उपाध्याय शामिल थे।
आयुष मंत्रालय की सलाहकार डॉ. कौस्तुभा उपाध्याय ने आयुष क्षेत्र में एमएसएमई के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सत्र की शुरुआत की। इसके बाद संयुक्त सचिव, एमएसएमई मंत्रालय, सुश्री अनुजा बापट ने एक जानकारीपूर्ण प्रस्तुति दी, जिसमें आयुष-केंद्रित उद्यमों का समर्थन करने के लिए तैयार की गई विभिन्न योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।
राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (एनएमपीबी) के सीईओ प्रोफेसर (डॉ.) महेश कुमार दाधीच ने आयुष क्षेत्र में सी बकथॉर्न की क्षमता और संभावनाओं पर एक प्रस्तुति दी। छत्तीसगढ़ की निवेश आयुक्त सुश्री रितु सैन ने आयुष उद्योग से संबंधित राज्य-स्तरीय निवेश के अवसरों को प्रदर्शित किया।
सचिव, आयुष मंत्रालय, वैद्य राजेश कोटेचा और सचिव, एमएसएमई मंत्रालय श्री एस.सी.एल. दास दोनों ने आयुष क्षेत्र के भीतर गुणवत्ता मानकों और स्केलेबिलिटी को बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया। इस कार्यक्रम ने आयुष क्षेत्र में सतत विकास और नवाचार के लिए एमएसएमई के अवसरों का लाभ उठाने की सामूहिक दृष्टि की पुष्टि की।







