Ro no D15139/23

राज्य के स्कूलों में शिक्षा गुणवत्ता सुधार हेतु प्राचार्यों की पदोन्नति एवं पदस्थापना

*हर विद्यालय में सक्षम नेतृत्व हमारी प्राथमिकता”—स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव*

रायपुर, 28 नवम्बर 2025 (IMNB NEWS AGENCY) छत्तीसगढ़ के टी संवर्ग में वर्ष 2013 तथा ई संवर्ग में वर्ष 2016 के बाद पहली बार बड़ी संख्या में प्राचार्यों की पदोन्नति की गई है। लंबे समय से शासकीय हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में प्राचार्य के पद रिक्त होने के कारण शैक्षणिक गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी। इस समस्या के समाधान हेतु स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 30 अपै्रल 2025 को जारी आदेश के अनुसार टी संवर्ग में 12 वर्ष तथा ई संवर्ग में 09 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने वाले पात्र शिक्षकों को प्राचार्य पद पर पदोन्नति प्रदान की गई। इस प्रक्रिया के तहत टी संवर्ग में 1335 तथा ई संवर्ग में 1478 व्याख्याताओं/प्रधान पाठकों को प्राचार्य बनाया गया।

*2504 पदोन्नत प्राचार्य की पदस्थापना*

इन पदोन्नतियों के विरुद्ध दायर याचिकाओं पर माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा स्थगन आदेश दिए जाने से पदस्थापना की कार्यवाही रोक दी गई थी। न्यायालय द्वारा याचिकाएँ खारिज किए जाने के बाद शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया अनुसार पदस्थापना पुनः आरंभ की गई। शासन के पत्र दिनांक 10 अगस्त 2025 के अनुसार काउंसिलिंग के माध्यम से प्राचार्यों की पदस्थापना की गई, जिसमें टी संवर्ग की काउंसिलिंग 20 अगस्त 2025 से 23 अगस्त 2025 तक हुई और कुल 1222 प्राचार्यों का पदस्थापना आदेश जारी किया गया। इसी प्रकार ई संवर्ग की काउंसिलिंग 21 नवंबर से 24 नवंबर 2025 तक आयोजित की गई, जिसके अनुसार 1284 पदोन्नत प्राचार्यों की पदस्थापना आदेश जारी किए जा रहे हैं।

*हर विद्यालय में मजबूत नेतृत्व सुनिश्चित करना*

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने कहा कि लंबे समय से प्राचार्य पद रिक्त होने से स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। उन्होंने कहा, “गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विद्यालयों में सक्षम नेतृत्व आवश्यक है। बड़े पैमाने पर की गई यह पदोन्नति और पदस्थापना राज्य के विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत प्रदान करेगी तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान करेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम स्कूल शिक्षा विभाग के व्यापक सुधार अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य हर विद्यालय में मजबूत नेतृत्व सुनिश्चित करना है।

प्राचार्यों के रिक्त पदों की पूर्ति होने से विद्यालयों में प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था अधिक सुचारू होगी। इससे शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में सुधार होने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की अपेक्षा है।

  • Related Posts

    अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिली नई उड़ान

    बीजापुर के मेधावी विद्यार्थियों का प्रतिष्ठित विद्यालयों में चयन, बेहतर शिक्षा से साकार हो रहे सपने*   रायपुर, 03 अगस्त 2026/ आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के बच्चों के…

    Read more

    कला के माध्यम से अभिव्यक्ति भी एक बड़ा हुनर : वन मंत्री केदार कश्यप

    *‘मुस्कुराता बस्तर’ कार्टून कार्यशाला में 120 विद्यार्थियों ने सीखी कार्टून और कैरिकेचर की कला*   रायपुर, 3 अगस्त 2026/ बस्तर की सकारात्मक पहचान, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक धरोहर को…

    Read more

    NATIONAL

    LIVE: उत्तर प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र का प्रथम दिवस

    LIVE: उत्तर प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र का प्रथम दिवस

    Parliament Live : राम मंदिर चंदा विवाद पर चर्चा की मांग, कांग्रेस ने राज्यसभा में दिया नोटिस

    Parliament Live : राम मंदिर चंदा विवाद पर चर्चा की मांग, कांग्रेस ने राज्यसभा में दिया नोटिस

    बीजेपी का राहुल गांधी पर वार, साक्षी महाराज बोले- विदेशी नारी से पैदा हुआ बालक राष्ट्रभक्त नहीं हो सकता

    बीजेपी का राहुल गांधी पर वार, साक्षी महाराज बोले- विदेशी नारी से पैदा हुआ बालक राष्ट्रभक्त नहीं हो सकता

    आपत्तिजनक टिप्पणी मामला : नाबालिग लड़की को राहत, पीएम मोदी की माफी के बाद केस वापस

    आपत्तिजनक टिप्पणी मामला : नाबालिग लड़की को राहत, पीएम मोदी की माफी के बाद केस वापस

    “मैं निराश हो चुका हूं”: शहजाद पूनावाला ने पीएम मोदी को बताया फेलियर, कहा- राहुल गांधी से सीखिए

    “मैं निराश हो चुका हूं”: शहजाद पूनावाला ने पीएम मोदी को बताया फेलियर, कहा- राहुल गांधी से सीखिए

    राहुल गांधी का हमला, कहा- छात्रों को प्रधानमंत्री की माफी की जरूरत नहीं, मोदी जी को माफी मांगनी चाहिए

    राहुल गांधी का हमला, कहा- छात्रों को प्रधानमंत्री की माफी की जरूरत नहीं, मोदी जी को माफी मांगनी चाहिए