Ro no D15139/23

माटी से उपजी समृद्धि: नारायणपुर के भूपेन्द्र कुमार पुजारी की आत्मनिर्भरता का सफर

रायपुर,17 जुलाई 2026/ कृषि केवल खेतों में बीज बोकर फसल काटने का नाम नहीं है, बल्कि यह माटी के साथ सामंजस्य बिठाकर जीवन को एक नया आकार देने की साधना है। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के वनांचल में आज बदलाव की एक ऐसी ही खूबसूरत बयार बह रही है, जो पारंपरिक ढर्रे को छोड़कर आधुनिक सोच को अपनाने से मुमकिन हुई है। इस बदलाव के सूत्रधार बने हैं चिहरीपारा गांव के प्रगतिशील किसान भूपेन्द्र कुमार पुजारी, जिन्होंने अपनी लगन और सरकारी योजनाओं के सही तालमेल से आत्मनिर्भरता की एक नई इबारत लिख दी है।

 

*चुनौतियों का दौर और बदलाव की छटपटाहट*

 

एक समय था जब भूपेन्द्र अपने 2.80 हेक्टेयर के खेत में केवल पारंपरिक तरीके से धान उगाते थे। साल में सिर्फ एक बार फसल लेने के कारण आमदनी इतनी सीमित थी कि परिवार का गुजारा चलाना, बच्चों की पढ़ाई और अन्य सामाजिक जरूरतें पूरी करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था। वे बदलाव की राह तलाश रहे थे, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण राह आसान नहीं थी। तभी जिला प्रशासन और कृषि विभाग की साझा कोशिशों ने उनके जीवन में प्रवेश किया। कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन में जब कृषि, उद्यानिकी, पशुधन और मत्स्य पालन विभागों ने मिलकर काम शुरू किया, तो भूपेन्द्र को भी अपनी किस्मत बदलने का एक जरिया दिखाई दिया।

 

*सौर सुजला और जल संरक्षण से मिली नई दिशा*

 

भूपेन्द्र के खेत में सबसे बड़ी समस्या पानी की थी, जिसका स्थायी समाधान क्रेडा विभाग की ‘सौर सुजला योजना’ से हुआ। खेत में जैसे ही सोलर पंप स्थापित हुआ, सिंचाई की चिंता हमेशा के लिए दूर हो गई। सिंचाई की व्यवस्था होते ही उन्होंने मनरेगा के तहत अपने खेत में एक डबरी (छोटा तालाब) का निर्माण कराया। यह डबरी सिर्फ पानी रोकने का साधन नहीं बनी, बल्कि इसने जल संरक्षण के साथ-साथ उनके लिए मत्स्य पालन का एक बिल्कुल नया और मुनाफेदार रास्ता भी खोल दिया।

 

*एकीकृत कृषि प्रणाली: खुशहाली का नया मंत्र*

 

कृषि वैज्ञानिकों के तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण से सीख लेकर भूपेन्द्र ने समझ लिया कि केवल एक फसल पर निर्भर रहना घाटे का सौदा हो सकता है। उन्होंने ‘समन्वित कृषि प्रणाली’ (इंटीग्रेटेड फार्मिंग) को अपना मूलमंत्र बनाया। उन्होंने उन्नत तरीके से धान की पैदावार शुरू करने के साथ साथ उड़द की खेती, साग-सब्जी का उत्पादन, बैकयार्ड मुर्गीपालन और डबरी में मत्स्य पालन को भी अपनी दैनिक आजीविका का हिस्सा बना लिया।

 

इस बहुआयामी दृष्टिकोण का असर उनकी आमदनी पर जादुई ढंग से दिखाई देने लगा। आज उन्हें जहां उन्नत धान की खेती से सालाना लगभग 80 हजार रुपये की कमाई हो रही है, वहीं मत्स्य पालन से लगभग 60 हजार रुपये सीधे उनके खाते में आ रहे हैं। इसके साथ ही साग-सब्जी से 24 हजार, मुर्गीपालन से 21 हजार और उड़द की फसल से मिलने वाली 17 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि ने उनकी आर्थिक स्थिति को बेहद मजबूत कर दिया है।

 

*एक प्रेरणा, जो पूरे अंचल को रोशन कर रही है*

 

भूपेन्द्र कुमार पुजारी का मानना है कि विविधता ही कृषि का असली भविष्य है। जब एक किसान अपने खेत में कई तरह के उपक्रम चलाता है, तो मौसम या बाजार के जोखिम बेहद कम हो जाते हैं और आय का जरिया साल भर बना रहता है। अपनी इस शानदार सफलता और आर्थिक आजादी के लिए वे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं।

 

आज भूपेन्द्र की यह कहानी नारायणपुर जिले के बाकी किसानों के लिए उम्मीद का एक चमकता हुआ दीया बन चुकी है। ‘आत्मा’ योजना और कृषि विभाग के सहयोग से अब अंचल के अन्य किसान भी उनके खेत का भ्रमण कर रहे हैं और इस मॉडल को सीखकर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। भूपेन्द्र की यह यात्रा इस बात का जीवंत प्रमाण है कि अगर किसान के पास सही दृष्टिकोण, वैज्ञानिक सोच और शासन की कल्याणकारी योजनाओं का संबल हो, तो वनांचल के खेतों में भी समृद्धि की सुनहरी फसल उगाई जा सकती है।

  • Related Posts

    जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने समर्पित भाव से करें कार्य – कलेक्टर

    कलेक्टर ने जिला स्वास्थ्य समिति की ली बैठक*   *- हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की नियमित मॉनिटरिंग एवं समय पर उपचार सुनिश्चित करने के दिए निर्देश*   *- ब्रेस्ट कैंसर…

    Read more

    सेवा सेतु केंद्र बना सुशासन की पहचान, प्रदेशभर में नागरिकों को मिल रही त्वरित राजस्व सेवाएं

    *सूरजपुर के श्री राकेश कुमार को कुछ ही घंटों में मिला निवास प्रमाणपत्र, सेवा सेतु व्यवस्था से बढ़ा आमजन का भरोसा*   रायपुर, 17 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुशासन,…

    Read more

    NATIONAL

    बेलगावी, कर्नाटक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक

    बेलगावी, कर्नाटक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक

    भारत पर 100% टैरिफ लगाने की तैयारी में अमेरिका, लिंडसे ग्राहम ने दिया था 500 प्रतिशत का प्रस्ताव

    भारत पर 100% टैरिफ लगाने की तैयारी में अमेरिका, लिंडसे ग्राहम ने दिया था 500 प्रतिशत का प्रस्ताव

    पोलैंड के मंत्री का दावा : पीएम मोदी ने यूक्रेन में परमाणु हमले को रोका, पुतिन ने मानी भारत की बात

    पोलैंड के मंत्री का दावा : पीएम मोदी ने यूक्रेन में परमाणु हमले को रोका, पुतिन ने मानी भारत की बात

    धार्मिक नगरी वृंदावन की बदलेगी तस्वीर, सीवर समस्या दूर करने के लिए खर्च होंगे 240 करोड़

    धार्मिक नगरी वृंदावन की बदलेगी तस्वीर, सीवर समस्या दूर करने के लिए खर्च होंगे 240 करोड़

    (अंतर्राष्ट्रीय विश्लेषण) युद्धविराम का मिथक और वैश्विक शांति का संकट। विश्व ऊर्जा संकट और आर्थिक अस्थिरता का दौर।

    (अंतर्राष्ट्रीय विश्लेषण) युद्धविराम का मिथक और वैश्विक शांति का संकट। विश्व ऊर्जा संकट और आर्थिक अस्थिरता का दौर।

    विधानसभा मे पद्मविभूषण तीजन बाई को दी गई श्रद्धांजलि, उनके नाम से दिया जायगा राज्य अलंकरण

    विधानसभा मे पद्मविभूषण तीजन बाई को दी गई श्रद्धांजलि, उनके नाम से दिया जायगा राज्य अलंकरण