
Rajpal Yadav: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव ने गुरुवार को दिल्ली में तिहाड़ जेल में सरेंडर किया, जब दिल्ली हाईकोर्ट ने उनके चेक बाउंस मामलों में कोई राहत देने से इनकार कर दिया. अभिनेता ने कोर्ट से सजा भुगतने की समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया.
हाईकोर्ट ने बढ़ाई समय सीमा का अनुरोध ठुकराया
राजपाल यादव को बुधवार तक जेल में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया था. उनके वकील ने अदालत को बताया कि अभिनेता ने 50 लाख रुपये का इंतजाम कर लिया है और एक हफ्ते का अतिरिक्त समय मांग लिया. हालांकि, कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति को उसके पेशे या पृष्ठभूमि के कारण विशेष परिस्थितियां नहीं दी जा सकतीं. कोर्ट ने साफ कहा, “कभी-कभी सहानुभूति आवश्यक हो सकती है, लेकिन लगातार नियमों की अवहेलना करने पर अनंत तक छूट नहीं दी जा सकती.”
क्या है पूरा मामला ?
यह मामला M/s Murali Projects Pvt Ltd द्वारा दायर शिकायत से जुड़ा है. शिकायत में कहा गया है कि अभिनेता और उनकी पत्नी ने कई चेक बाउंस कराए और बकाया राशि लौटाने में विफल रहे. 2018 में, दिल्ली की मजिस्ट्रेट कोर्ट ने और उनकी पत्नी को दोषी ठहराया और छह महीने की सजा सुनाई. 2019 में सेशन कोर्ट ने इस सजा को बरकरार रखा.
इसके बाद यादव दंपत्ति ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील की. जून 2024 में हाईकोर्ट ने अस्थायी तौर पर सजा पर रोक लगा दी थी और अभिनेता से कहा था कि वे गंभीर प्रयास करें और शिकायतकर्ता के साथ समाधान खोजने की कोशिश करें.
अदालत के निर्देश के बावजूद सरेंडर
फिर भी, फरवरी 2 को हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि राजपाल यादव को निर्धारित समय पर जेल में सरेंडर करना होगा. गुरुवार को उन्होंने 4 बजे तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया. जेल अधिकारियों ने कहा कि अब वे मानक प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई करेंगे.
राजपाल यादव की यह घटना बॉलीवुड और कानूनी गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है.








