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सिंगल पापा’ को लेकर आयशा रजा और कुणाल खेमू ने कहा, ‘सीरीज गलत धारणाओं को तोड़ती है’

सिंगल पेरेंटिंग हमेशा से सामाजिक नजरों में एक चुनौती मानी जाती रही है। जब कोई माता या पिता अकेले बच्चे की जिम्मेदारी उठाता है, तो समाज उसकी क्षमता पर सवाल उठाता है, चाहे वह पुरुष हो या महिला। ऐसे माहौल में एक नई सोच और संवेदनशील दृष्टिकोण लेकर आ रही है नेटफ्लिक्स की नई सीरीज ‘सिंगल पापा’।

यह सीरीज न सिर्फ मनोरंजन करती है बल्कि पारिवारिक रिश्तों की जटिलताओं और बदलती सामाजिक धारणाओं को बेहद हल्के लेकिन प्रभावी अंदाज में दिखाती है। इसी संदर्भ में अभिनेत्री आयशा रजा मिश्रा और अभिनेता कुणाल खेमू ने आईएएनएस से अनुभव और विचार साझा किए।

आईएएनएस से बात करते हुए अभिनेत्री आयशा रजा मिश्रा ने कहा, ”सिंगल पैरेंटिंग को लेकर समाज में कई तरह की बातें हैं। लोग अक्सर यह मान लेते हैं कि कुछ काम सिर्फ महिलाओं के ही बस के होते हैं, जैसे बच्चे संभालना या घर की देखभाल करना। इसी तरह कुछ लोग यह भी मान लेते हैं कि पुरुष एक बच्चे को अकेले नहीं पाल सकते क्योंकि उनके पास ‘मां जैसी कोमलता’ नहीं होती। यह फिल्म इन सभी धारणाओं को पूरी तरह गलत साबित करती है।”

उन्होंने कहा, ”किसी भी इंसान की क्षमता उसके जेंडर से तय नहीं होती, बल्कि उसके इरादों, जिम्मेदारी और मेहनत से तय होती है। इसलिए यह मानना कि सिर्फ महिला ही बच्चे की सही देखभाल कर सकती है या पुरुष ऐसा नहीं कर सकता, दोनों ही बातें समाज के बनाए हुए झूठे ढांचे हैं।”

आयशा कहती हैं, “‘सिंगल पापा’ में इन मुद्दों को भारी-भरकम तरीके से नहीं दिखाया गया, बल्कि कहानी को परिवार के नजरिए से बताया गया है। सीरीज एक ऐसे परिवार को दिखाती है जो अचानक एक अनोखी स्थिति में फंस जाता है और फिर उससे निपटने की कोशिश करता है। कहानी सिर्फ चुनौतियों के बारे में नहीं है, बल्कि उन भावनाओं और उलझनों के बारे में है, जिनसे परिवार एक साथ गुजरता है। यही चीज इस शो को खास बनाती है। यह दर्शकों को हंसाती भी है और सोचने पर मजबूर भी करती है।”

वहीं, अभिनेता कुणाल खेमू, जो इस सीरीज के मुख्य किरदार गौरव गहलोत का रोल निभा रहे हैं, ने आईएएनएस संग बातचीत में कहा, ”यह प्रोजेक्ट मेरे लिए बेहद खास रहा। शो के निर्माताओं ने जब मुझे कहानी का पहला एपिसोड सुनाया, तो मैं तुरंत इससे जुड़ाव महसूस करने लगा। कहानी न सिर्फ मजेदार है, बल्कि भावनात्मक रूप से भी गहरी है। यह उन प्रोजेक्ट्स में से एक था जिसे मैंने बिना ज्यादा सोच-विचार के ‘हां’ कहा है, क्योंकि इसकी कहानी ने मुझे काफी प्रभावित किया है।”

कुणाल ने कहा, ”नेटफ्लिक्स एक ऐसी सीरीज बनाना चाहता था जो हल्की-फुल्की हो, जिसमें कॉमेडी हो, लेकिन वह केवल मजेदार होने तक सीमित न रह जाए। अगर किसी कहानी में हंसी के साथ-साथ दिल को छू लेने वाली भावनाएं भी हों, तो वह दर्शकों के साथ एक गहरा संबंध बना लेती है। ‘सिंगल पापा’ भी ऐसी ही कहानी है।”

उन्होंने कहा, ”सीरीज में मेरा किरदार गौरव गहलोत एक ऐसा इंसान है जो भावनात्मक रूप से अभी भी बढ़ रहा है। वह थोड़ा नादान है। तलाक के तुरंत बाद उसका बच्चा गोद लेने का फैसला परिवार के लिए एक झटका जैसा होता है। यहीं से शुरू होता है कहानी का असली मजा।”

सीरीज में मनोज पाहवा और प्राजक्ता कोली भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। ‘सिंगल पापा’ 12 दिसंबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने जा रही है।

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