
*प्रदेश के सभी आदिवासी, बहुल्य ग्रामों में 15 जून से चलाया जा रहा है विशेष अभियान*
*छूटे सदस्यों का बनाया जा रहा है आयष्मान कार्ड*
रायपुर, 27 जून 2025/
आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग, भारत सरकार के निर्देश पर वर्तमान वर्ष को जनजातीय गौरव वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। गत् 15 जून से 30 जून 2025 तक धरती आबा, जानजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA-JGUA) आदिवासीय विकास विभाग छ.ग. के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है। जिसमें राज्य के अन्य महत्वपूर्ण विभाग भी अपनी भागीदारी निभा रहे है। विशेष तौर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिनस्थ कर्यरत राज्य नोडल एजेंसी द्वारा पूरे प्रदेश के आदिवासीय बाहुल्य ग्रामों में छूटे अदिवासियों का आयुष्मान कार्ड पंजीयन जोर-शोर से जारी है।
आदिवासीय विकास विभाग छ.ग. से प्राप्त सूची के अनुसार प्रदेश में कुल 85 आदिवासी बाहुल्य विकास खण्ड है व प्रदेश में 6691 चिन्हांकित गांव है जहां जनजातीय समुदाय की बहुतायत है। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग, भारत सरकार से प्राप्त निर्देशों के अनुसार इन समस्त गांवों में प्रत्येक घर तक राज्य सरकार के लोग पहुंच रहे है। जिसका उद्देश्य भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा संचालित अलग-अलग योजनाओं से आदिवासियों को हर हाल में जोड़ना है।
*चार हजार सात सौ तिरसठ गांवों में लग चुका कैम्प*
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य सहायता योजना एवं मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से जनजातीय समूहों को जोड़ने के लिए राज्य नोडल एजेंसी छ.ग. द्वारा विशेष अभियान जारी है। 15 जून से मितानिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत कर्मियों के जरिए ऐसे आदिवासी जिनका आयुष्मान कार्ड नहीं बन सका है। उन सभी का आयुष्मान कार्ड पंजीयन कराया जा रहा है। अभी तक कुल 4,763 गांवों में कैम्प लगाया जा चुका है। इस दौरान जनजातीय समूह के 20,988 आयुष्मान कार्ड का पंजीयन किया जा चुका है। यह अभियान अगामी 30 जून 2025 तक जारी रहेगा।
*वृद्ध जनों ने दिखाई विशेष रूचि*
कैम्प के दौरान 70 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों में अपने आयुष्मान कार्ड के पंजीयन के लिये विशेष रूचि दिखाई है। कैम्प में कार्ड बनवाने बड़ी संख्या में वृद्ध पहुंच रहे है। भारत सरकार ने 70 वर्ष से ऊपर के लोगों के लिये आयुष्मान व्यय वंदना कार्ड पंजीयन की घोषणा कर रखी है। आयुष्मान कार्ड पंजीयन के लिये 70 वर्ष के बुजुर्गों को अपना आधार कार्ड ही लेकर जाना है। इस आधार पर उनका आयुष्मान कार्ड पंजीयन किया जा रहा है। कार्ड बनवाने पर 70 वर्ष से ऊपर के लोगों को प्रतिवर्ष 5 लाख रूपये तक की निःशुल्क उपचार सहायता उपलब्ध करायी जायेगी।









