
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत प्रदेश में स्व सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को एक सशक्त पहचान दिलाने के उद्देश्य से 36 कला ब्रांड के माध्यम से राज्य स्तरीय प्रमोशन की रणनीति तैयार की गई है। इस पहल के तहत विभिन्न जिलों से करीब 26 विशिष्ट उत्पादों का चयन कर उनके लिए एक समान मानकों पर ब्रांडिंग, पैकेजिंग, सर्टिफिकेशन, प्रमोशन एवं बिक्री की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
एनआरएलएम के जिला मिशन समन्वयक श्री नीरज नामदेव ने बताया कि सरगुजा जिले से सरसों तेल का चयन किया गया है, जिसका उत्पादन जिले के बतौली एवं लुण्ड्रा विकासखंड के स्व सहायता समूहों द्वारा किया जा रहा है। इन समूहों द्वारा उत्पादित सरसों तेल की आधुनिक एवं आकर्षक ब्रांडिंग और पैकेजिंग का कार्य जिला स्तर पर स्थापित ग्रोथ सेंटर के माध्यम से किया जा रहा है। ग्रोथ सेंटर न केवल सरगुजा जिले बल्कि आसपास के जिलों में स्व सहायता समूहों द्वारा उत्पादित विभिन्न वस्तुओं का गुणवत्ता परीक्षण कर वैल्यू एडिशन करता है, जिससे उपभोक्ताओं को शुद्ध, सुरक्षित एवं भरोसेमंद उत्पाद उपलब्ध हो सकें।
ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में बिहान महिला किसान प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा “सरगुजा नेचुरल” ब्रांड का संचालन किया जा रहा है। सरगुजा नेचुरल के अंतर्गत शुद्ध एवं गुणवत्तायुक्त उत्पादों को “गांव की मिट्टी से आपकी रसोई तक” की सोच के साथ बाजार में उपलब्ध कराया जा रहा है। यह ब्रांड न केवल स्वाद और परंपरा को संजोए हुए है, बल्कि उपभोक्ताओं को तंदुरुस्त और सेहतमंद जीवन की ओर भी प्रेरित करता है।
वर्तमान में सरगुजा नेचुरल ब्रांड के अंतर्गत मिलेट्स आटा, गेहूं आटा, सत्तु, बरी, पापड़ सहित कुल 17 प्रकार के उत्पाद उपभोक्ताओं के लिए बाजार में उपलब्ध हैं। इन उत्पादों की बढ़ती मांग से जहां एक ओर उपभोक्ताओं को शुद्ध एवं स्थानीय उत्पाद मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्व सहायता समूहों की महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि हो रही है।
बिहान के सहयोग से संचालित सरगुजा नेचुरल आज गुणवत्ता, विश्वास और स्वावलंबन का प्रतीक बनकर उभर रहा है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ “वोकल फॉर लोकल” की भावना को भी साकार कर रहा है।









