Ro no D15139/23

भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

आंगनबाड़ी संचालन समय में बदलाव: बच्चों की उपस्थिति सुबह 7 से 9 बजे तक सीमित*

 

*बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि, निर्देशों के क्रियान्वयन में कोई ढिलाई नहीं होगी: महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े*

 

रायपुर 24 अप्रैल 2026 (IMNB NEWS AGENCY) प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए त्वरित एवं संवेदनशील निर्णय लिया है।

 

मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशानुसार 30 जून 2026 तक प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक संचालित किए जाएंगे। इस अवधि में बच्चों की उपस्थिति केवल सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक निर्धारित की गई है, ताकि उन्हें अत्यधिक तापमान एवं लू के दुष्प्रभाव से सुरक्षित रखा जा सके।

 

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि में बच्चों की प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख, शाला पूर्व अनौपचारिक शिक्षा (ECCE) गतिविधियाँ निर्धारित समय-सारिणी एवं कलेण्डर के अनुसार संचालित होंगी तथा पूरक पोषण आहार का वितरण नियमित रूप से सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे बच्चों के पोषण एवं शिक्षा में किसी प्रकार की बाधा न आए।

 

निर्देशानुसार आंगनबाड़ी केंद्र प्रातः 7:00 बजे से प्रारंभ होंगे, जिसमें बच्चों की उपस्थिति 7:00 से 9:00 बजे तक रहेगी, जबकि अन्य सेवाओं के लिए केंद्र 11:00 बजे तक संचालित रहेगा। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपने जॉब चार्ट के अनुसार शेष कार्यों का निष्पादन करेंगी।

 

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि गृहभेंट के माध्यम से पोषण परामर्श सेवा को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केंद्र बंद होने के पश्चात निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार घर-घर जाकर माताओं को जागरूक करेंगी।

 

बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि गर्म हवाओं, अधिक तापमान एवं लू की स्थिति में बच्चों को सुरक्षित रूप से घर तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही की स्थिति में संबंधितों की जवाबदेही तय की जाएगी।

 

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी सुनिश्चित करें तथा जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करें, ताकि जमीनी स्तर पर निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकाल समाप्ति उपरांत 01 जुलाई 2026 से आंगनबाड़ी केंद्र पुनः अपने सामान्य समय प्रातः 9:30 बजे से 3:30 बजे तक (6 घंटे) संचालित किए जाएंगे।

  • Related Posts

    ‘आजादी की धुन’ स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण करने का सुनहरा अवसर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    ‘आजादी की धुन’ में इतिहास का गौरव, वर्तमान का कर्तव्य और भविष्य का संकल्प : मुख्यमंत्री श्री साय*   *मुख्यमंत्री श्री साय संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘आजादी की धुन’ समारोह…

    Read more

    स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 14 अगस्त को होगी स्वतंत्रता दौड़

    गांधी चौक मैदान से सुबह 8:30 बजे शुरू होगी दौड़, शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः गांधी चौक में होगा समापन   धमतरी, 12 अगस्त 2026। स्वतंत्रता दिवस…

    Read more

    NATIONAL

    होर्मुज पर ट्रंप की ‘स्टील की दीवार’ वाले दावे को ईरान ने नकारा, कहा- शर्तें माने अमेरिका तभी खुलेगा रास्ता

    होर्मुज पर ट्रंप की ‘स्टील की दीवार’ वाले दावे को ईरान ने नकारा, कहा- शर्तें माने अमेरिका तभी खुलेगा रास्ता

    2007 वाला करिश्मा दोहराएंगी मायावती? यूपी में अखिलेश-योगी के बीच BSP का ‘कमबैक प्लान’ तैयार!

    2007 वाला करिश्मा दोहराएंगी मायावती? यूपी में अखिलेश-योगी के बीच BSP का ‘कमबैक प्लान’ तैयार!

    रवि किशन के ‘मौन व्रत’ पर CM योगी की चुटकी, दावत का जिक्र कर मंच से पूछ लिया ऐसा सवाल… सब रह गए हैरान

    रवि किशन के ‘मौन व्रत’ पर CM योगी की चुटकी, दावत का जिक्र कर मंच से पूछ लिया ऐसा सवाल… सब रह गए हैरान

    रात 9 बजकर 04 मिनट से शुरू होगा सूर्य ग्रहण, जानिए कहां और कैसे दिखेगा यह दुर्लभ नजारा!

    रात 9 बजकर 04 मिनट से शुरू होगा सूर्य ग्रहण, जानिए कहां और कैसे दिखेगा यह दुर्लभ नजारा!

    TRAI ने बढ़ाया 1601 नंबर सीरीज का दायरा, बिजली-पानी से लेकर कूरियर कंपनियों को मिलेगा खास नंबर

    TRAI ने बढ़ाया 1601 नंबर सीरीज का दायरा, बिजली-पानी से लेकर कूरियर कंपनियों को मिलेगा खास नंबर

    जब दिल्ली के मंच पर जीवंत हुई छत्तीसगढ़ की पंडवानी परंपरा इंडिया हैबिटेट सेंटर में छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा का रंग, पांडवानी ने बांधा समां

    जब दिल्ली के मंच पर जीवंत हुई छत्तीसगढ़ की पंडवानी परंपरा  इंडिया हैबिटेट सेंटर में छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा का रंग, पांडवानी ने बांधा समां