
*- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कबीर मठ धाम नादिया में आयोजित अखिल भारतीय सद्गुरू कबीर संत सम्मेलन कार्यक्रम में हुए शामिल*
*- मुख्यमंत्री ने प्रतिवर्ष संत सम्मेलन के आयोजन हेतु 11 लाख रूपए की स्वीकृति दी*
*- ग्राम नादिया में डोम एवं मिनी स्टेडियम के निर्माण की घोषणा की*
*- राजनांदगांव में कबीर साहेब के नाम से प्रवेश द्वार निर्माण की घोषणा की*
राजनांदगांव 01 मार्च 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज डोंगरगांव विकासखंड के कबीर मठ धाम नादिया (खुज्जी) में श्री कबीर साहेब मठ ट्रस्ट द्वारा आयोजित अखिल भारतीय सद्गुरू कबीर संत सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने फाल्गुन पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित अखिल भारतीय सद्गुरू कबीर संत सम्मेलन में देशभर से पहुंचे सभी संतों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रतिवर्ष संत सम्मेलन के आयोजन के लिए 11 लाख रूपए की स्वीकृति दी। ग्राम नादिया में डोम के निर्माण, मिनी स्टेडियम के निर्माण की घोषणा की। राजनांदगांव में कबीर साहेब के नाम से प्रवेश द्वार होगा। उन्होंने कहा कि संत सम्मेलन के लिए बजट में प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फाल्गुन महोत्सव के रूप में कबीर मठ धाम नादिया में तीन दिवसीय अखिल भारतीय सद्गुरू कबीर संत सम्मेलन तथा चौका आरती, सात्विक महायज्ञ और भंडारा का बहुत अच्छा आयोजन हो रहा है। उन्होंने सम्मेलन में शामिल होने और संत समाज से मिलने का अवसर प्रदान करने के लिए आयोजन समिति को धन्यवाद दिया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि संत कबीरदास जी की प्रेरणास्थली में दानवीर भक्त मालगुजार मंगतू ठाकुर हल्बा आदिवासी समाज से हैं और उन्होंने स्वयं को कबीर पंथ को सांैप दिया है। हल्बा आदिवासी समाज का गौरवपूर्ण इतिहास रहा है। हल्बा समाज के शहीद गैंद सिंह ने आजादी के स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। संत कबीर साहेब की वाणी का छत्तीसगढ़ में बहुत प्रभाव है। प्रदेश के एक जिले का नाम संत कबीर के नाम से कबीरधाम है। उन्होंने बताया कि जशपुर जिले के उनके गृह ग्राम बगिया में कबीर पंथ के अनुयायी है और कुनकुरी में उनका आश्रम है, इसलिए वे कबीर पंथ के रीति-रिवाजों से परिचित है। उन्होंने कहा कि संत कबीर के विचार एवं संदेश आज भी मार्गदर्शक और प्रासंगिक है। उन्होंने कबीर के दोहे का स्मरण करते हुए सदैव सद्गुरू के बताए मार्ग पर चलने कहा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है और यहां की 80 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। उन्होंने बताया कि कृषक उन्नति योजना के तहत प्रदेश के 25 लाख 28 हजार से अधिक पंजीकृत किसानों को 10.324 करोड़ रूपए की राशि से लाभान्वित किया गया है। महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रूपए की राशि का भुगतान समय पर किया जा रहा है। सरकार प्रदेश के किसानों एवं जनता के हित के लिए वचनबद्ध है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जो वादा किया था, उसे मोदी की गारंटी के तहत पूरा किया है। सरकार बनते ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास की स्वीकृति प्रदान की गई तथा अब तक 8 लाख से ज्यादा आवास बन गये है। दो साल का बकाया बोनस किसानों को प्रदान किया गया। तेंदूपत्ता, चरण पादुका, श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना जैसी योजनाओं से जनमानस लाभान्वित हो रहे है। शासन की नवीन औद्योगिक नीति बहुत अच्छी है, जिसके माध्यम से युवाओं को रोजगार देने तथा आत्मनिर्भर बनाने के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही 500 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। सरकार द्वारा स्वच्छ प्रशासन देने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी को मिलकर छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य बनाना है।
जिले के प्रभारी मंत्री एवं स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि-विधायी कार्य विभाग मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की विविधता भरी संस्कृति का भाव कहीं अन्य देखने नहीं मिलता है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विगत वर्षों में आगे बढ़ा रहा है एवं अब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश उन्नति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री निवास में संत एवं साधु समाज उनसे भेंट करने हमेशा आते रहते है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के भावों को व्यक्त करते हुए बताया कि कितने भी व्यस्त रहे, लेकिन सप्ताह में एक दिन अपने परिवार के साथ भोजन अवश्य करें। इससे अपने परिवार जनों के मन के भाव को जान सकेंगे। सत्संग का लाभ लें तथा अपने परिवार से जुड़ें।
सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने संत सद्गुरूओं के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि भारत की पवित्र धरती सदैव संतों, धर्माचार्यों और समाज को दिशा देने वाले महापुरूषों की जन्मस्थली रही है। समय-समय पर ऐसे संतों ने समाज को सत्य और धर्म का मार्ग दिखाया है। सदगुरू सेवा साहेब और उनका पुण्य प्रताप इतना अधिक था। सद्गुरू सेवा साहेब की पुण्य परंपरा आज भी समाज को प्रेरित कर रही है। उन्होंने बताया कि आदिवासी संत मंगतुराम ठाकुर ने अपना सर्वस्व समाज और धर्म के लिए अर्पित कर त्याग और सेवा का अद्भूत उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके इस योगदान को समाज हमेशा स्मरण रखेगा। उन्होंने कहा कि संतों की यह परंपरा निरंतर समाज को सही दिशा देती रही है और यह मठ उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। संत कबीर साहेब की वाणी का उल्लेख करते हुए कहा गया कि उनकी शिक्षाएं प्रासंगिक हैं। संतों की वाणी मानवता और समाज को प्रेम, संतोष और सदाचार का मार्ग एवं सही राह दिखाती है।
महापौर श्री मधुसूदन यादव ने कहा कि संत कबीर साहेब के जीवन और शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत कबीर एक मध्य मार्गी संत थे। उन्होंने जीवन में सभी धर्मों के प्रति समभाव और समानता का संदेश दिया है। महापौर ने कहा कि संत कबीर ने मानव समाज को प्रेम, भाईचारा और सदाचार का जो संदेश दिया है, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि यदि संत कबीर साहेब के आदर्शों और शिक्षाओं को घर-घर तक पहुंचाने का कार्य किया जाए, तो परिवारों में सुख-शांति बनी रहेगी। महापौर ने कहा कि संत कबीर साहेब का मार्गदर्शन हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। उनके बताए मार्ग पर चलकर भारत विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। कार्यक्रम को पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री दिनेश गांधी एवं धर्माधिकारी श्री सत्येंद्र साहेब ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर पंथ श्री हुजूर मंगल साहेब, संत श्री गिरवर साहेब, सुश्री साध्वी सुमेधा साहेब, संत श्री डॉ. हरीश दास, संत श्री डॉ. भागीरथी साहेब, संत श्री रतनस्वरूप साहेब, महात्मा श्री लेखचंद साहेब, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री किरण साहू, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल श्री योगेश दत्त मिश्रा, पूर्व सांसद श्री प्रदीप गांधी, उपाध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित श्री भरत वर्मा, अध्यक्ष जनपद पंचायत डोंगरगांव श्रीमती रंजीता पड़ोती, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अंजू त्रिपाठी, सरपंच ग्राम पंचायत नादिया श्रीमती वंदिता ठाकुर, पुलिस महानिरीक्षक श्री बालाजी राव सोमावार, कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक श्रीमती अंकिता शर्मा, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, एसडीएम डोंगरगांव श्री श्रीकांत कोराम सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में कबीर पंथ के अनुयायी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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