
जिले में संचालित धान उपार्जन केन्द्रों पर लागू पारदर्शी और डिजिटल व्यवस्था से किसानों को बड़ी राहत मिली है। टोकन प्रणाली, समयबद्ध प्रक्रिया और मूलभूत सुविधाओं के कारण अब धान विक्रय सुगम, सरल और परेशानी-मुक्त हो गया है।
अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बकालो के निवासी किसान चंद्रप्रकाश कुशवाहा ने बताया कि इस वर्ष मौसम अनुकूल रहने से उनकी फसल काफी अच्छी हुई है। उन्होंने बताया कि उनके धान का कुल रकबा लगभग 140 क्विंटल का है। डिजिटल तकनीक के उपयोग से टोकन काटने की प्रक्रिया बेहद आसान हो गई है। उन्होंने तुंहर टोकन ऐप के माध्यम से 71.20 क्विंटल धान का पहला टोकन स्वयं ही काटा।
किसान चंद्रप्रकाश कुशवाहा ने बताया कि टोकन के अनुसार जब वे दरिमा धान उपार्जन केन्द्र पहुंचे, तो वहां पहुंचते ही गेट पास जारी किया गया, नमी परीक्षण किया गया तथा तत्काल बारदाना उपलब्ध करा दिया गया। पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय में पूर्ण हुई और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
उन्होंने उपार्जन केंद्र की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि किसानों के लिए पीने के पानी, बैठने की उचित व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे प्रतीक्षा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा नहीं होती।
श्री कुशवाहा ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल का सर्वाधिक समर्थन मूल्य दिया जा रहा है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। धान विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग वे गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलों एवं सब्जी उत्पादन में कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में और वृद्धि हो रही है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान धान खरीदी व्यवस्था अत्यंत सराहनीय है और इससे किसान वर्ग में संतोष एवं खुशी का माहौल है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की किसान-हितैषी नीतियों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।









