
झकली – सुनेस भकली अब कलेक्टर अऊ सचिव मन हर महीना पत्रकार वार्ता लिहि सरकार के छवि सुधारे बर अऊ फेसबुक वाट्सएप एक्स में रील घलो डालही ।
भकली – सुनी तो मैं भी हूँ इसका मतलब अभी तक सरकार की छवि खराब थी । ऐसे लग रहा हैं मानो सरकार कोई पुरानी अलमारी हो, जिसे पॉलिश करके फिर से चमकाया जाएगा । प्रेस वार्ता को छवि-पालिश केंद्र बोल सकती हो और स्लोगन होगा “सच वही मानो, जो हम बताएँ।” बाकी सच ? अगले महीने की प्रेसवार्ता तक फाइलों में बंद।
झकली – फेर पत्रकार मन के का काम रह जाही ?
भकली – पत्रकार बेचारा मन भी का करेंगे सवाल पूछें तो “छवि” धुँधली हो जाएगी और न पूछें तो “लोकतंत्र” धुँधला दिखने लगेगा ।
झकली – एखर ले जनता ल का फायदा ?
भकली – तु भी पागल है क्या ? जनता को एक तस्वीर, एक बयान , एक कहानी और एक भरोसा मिलेगा अगले महीने की प्रेस वार्ता तक खुश रहने के लिए समझी ।
#जय_हो 06/12/25 कवर्धा (छात्तीसगढ़)
(डिस्क्लेमर : गोबरहीन टुरी के गोठ सिरिफ सिस्टम ऊपर काल्पनिक व्यंग हे , जीवित या मुरदा कोनो नेता अउ अधिकारी ले कउनो सम्बंध नई हावय।)









