
संवेदनशीलता और त्वरित पहल बनी परिवार का संबल
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ की। समन्वय स्थापित कर मृत्युंजय सिंह के पार्थिव शरीर को विमान के माध्यम से कोच्चि एयरपोर्ट से रांची तक लाया गया। इसके पश्चात मुक्तांजली वाहन के जरिए उन्हें उनके गृह ग्राम डूमर टोली, केराडीह पहुंचाया गया, जहां पूरे विधि-विधान से उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। किसी प्रियजन की असमय मृत्यु परिवार के लिए अत्यंत पीड़ादायक होती है, विशेषकर जब यह घटना घर से दूर घटित हो। ऐसे समय में पार्थिव शरीर को शीघ्र घर लाना परिजनों की सबसे बड़ी आवश्यकता होती है। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय द्वारा की गई इस त्वरित एवं मानवीय पहल ने शोकाकुल परिवार को बड़ी राहत और मानसिक संबल प्रदान किया है।
हर दुःख में सहभागी बनते हैं मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की यह पहल उनकी संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाती है। वे केवल एक जनप्रतिनिधि ही नहीं, बल्कि एक अभिभावक की तरह प्रदेशवासियों के सुख-दुःख में सदैव सहभागी रहते हैं। प्रदेश का कोई भी नागरिक संकट में हो, मुख्यमंत्री उसकी पीड़ा को समझते हुए हर संभव सहायता के लिए तत्पर रहते हैं। इस कठिन समय में मिली सहायता के लिए मृतक के परिजनों ने मुख्यमंत्री एवं कैंप कार्यालय के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।









