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सुशासन तिहाआर-2026: के तहत धमतरी में शिविरों की श्रृंखला प्रारंभ, ग्रामीण-शहरी नागरिकों की समस्याओं का होगा त्वरित निराकरण

धमतरी, 3 मई 2026(IMNB NEWS AGENCY)प्रदेश में 1 मई से 10 जून तक आयोजित किए जा रहे “सुशासन तिहार-2026 ” के अंतर्गत धमतरी जिले में भी व्यापक स्तर पर तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। शासन की मंशानुरूप जिले के चारों विकासखंड—धमतरी, कुरूद, नगरी एवं मगरलोड—की 24 ग्राम पंचायतों को क्लस्टर के रूप में चिन्हित करते हुए समाधान शिविरों का आयोजन सुनिश्चित किया गया है, जहां आम नागरिकों की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित एवं प्रभावी निराकरण किया जाएगा।

धमतरी जिले में सुशासन तिहार -2936 अंतर्गत शिविरों की शुरुआत 4 मई से की जा रही है। प्रथम दिवस जनपद पंचायत धमतरी के ग्राम भोयना तथा जनपद पंचायत नगरी के ग्राम कुकरेल में शिविर आयोजित होंगे। प्रातः 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित इन शिविरों में भोयना क्लस्टर के 21 तथा कुकरेल क्लस्टर के 17 ग्रामों के नागरिक शामिल होंगे। इससे बड़ी संख्या में ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त होगा और उनकी लंबित समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी क्षेत्र में भी नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए नगर निगम धमतरी के 15 वार्डों में समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। प्रथम शिविर 4 मई को देवांगन समाज भवन (नागदेव मंदिर के समीप) आयोजित होगा, जिसमें हटकेशर, शीतलापारा, लालबगीचा एवं सुभाषनगर वार्ड के नागरिक शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त नगर पंचायत मगरलोड-भैसमुड़ी में 6 मई को रामलीला मैदान में सुशासन शिविर आयोजित किया जाएगा।

इन शिविरों में राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, विद्युत, जल संसाधन, शिक्षा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे। नागरिकों से प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अधिकतम मामलों का निराकरण शिविर स्थल पर ही किया जाएगा तथा शेष प्रकरणों के लिए समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रत्येक शिविर में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं, पर्याप्त जनशक्ति एवं विभागीय समन्वय सुनिश्चित किया जाए, ताकि नागरिकों को सहज, सरल एवं पारदर्शी सेवा उपलब्ध हो सके। साथ ही जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है।

समग्र रूप से यह पहल शासन की जनोन्मुखी एवं उत्तरदायी प्रशासनिक व्यवस्था का सशक्त उदाहरण है। सुशासन शिविरों के माध्यम से न केवल शासकीय योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित होगी, बल्कि आमजन के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

:: पाराशर/

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