
रायपुर ,विधायकों के आलीशान बंगले बनाने हेतु जिस नकटी गांव में छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार द्वारा रात के अंधेरे में बुलडोजर लगाकर बिना उचित व्यवस्थापन, बिना उचित मुआवजा गरीबों के वर्षों से निवासरत घरों को बलपूर्वक नेश्तानाबूत कर दिया गया ।
शिवसेना इसका कड़ा विरोध करती है। शिवसेना ग्राम नकटी के पीड़ित ग्रामीणों के साथ है। वहां पीड़ित जनता के दुख तकलीफ को जानने एवं प्रशासन पीड़ित आम जनता के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ने हेतु शिवसेना का प्रतिनिधि मंडल ग्राम नकटी पहुंचकर वहां के वस्तु स्थिति से अवगत हुआ ।पीड़ितों से मिला, प्रत्यक्ष दर्शियों से चर्चा किया ।नकटी के तोड़फोड़ की घटना पर शिवसेना द्वारा कहा गया है कि यह घटना हमें राजशाही एवं अंग्रेजों के शासन काल की याद दिलाता है कि जब राजा एवं अंग्रेजों को जिस वस्तु की आवश्यकता होती थी तो राजा उस पर अपने हाथी भेज कर रौंदवा देता था। अंग्रेज अपना फौज भेज कर जुल्मों सितम कर वह जमीन खाली करवा लेता था। वही स्थिति आज छत्तीसगढ़ के नकटी ग्राम की हुई है ।
जहां पर छत्तीसगढ़ की सरकार द्वारा अपने विधायकों के कॉलोनी बनाने हेतु रात को बलपूर्वक बुलडोजर चलाकर गरीबों के घरों को नेश्तानाबूत कर दिया गया है। शिवसेना का छत्तीसगढ़ की तथाकथित सुशासन वाली सरकार से यह प्रश्न है कि क्या विधायकों की कॉलोनी बनाने हेतु इस नकटी ग्राम के घरों को तोड़ना आवश्यक था। जबकि सरकार के पास इस आसपास, नया रायपुर, अन्य जगहों पर हजारों एकड़ जमीन खाली पड़ी है। सरकार चाहती तो विधायक कॉलोनी हेतु अन्य जगहों पर भी विधायक कॉलोनी का निर्माण हो सकता है। शिवसेना सरकार से मांग करती है कि ग्राम नकटी में जिनके मकान तोड़े गए हैं उनका उचित जगह पर उचित व्यवस्थापन किया जाए। उन्हें मूलभूत सुविधा दी जाए। तोड़े गए मकान का मुआवजा प्रदान किया जाए। बलपूर्वक रात के अंधेरे में बुलडोजर कार्यवाही करने वाले एवं कराने वाले अधिकारी ,कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही की जाए।









