Ro no D15139/23

21 मई को फिर उड़ान भरेगा SpaceX का Starship, इंसानों को मंगल तक पहुंचाने की तैयारी तेज

दुनिया का सबसे ताकतवर रॉकेट माने जाने वाला Starship एक बार फिर टेस्ट फ्लाइट के लिए तैयार है. एलन मस्क की कंपनी SpaceX 21 मई को अपने नेक्स्ट-जेनरेशन Starship रॉकेट की 12वीं इंटीग्रेटेड टेस्ट फ्लाइट करने जा रही है. यह मिशन टेक्सास स्थित Starbase फैसिलिटी से लॉन्च होगा और इसे SpaceX के सबसे अहम टेस्ट्स में से एक माना जा रहा है. इस उड़ान पर सिर्फ SpaceX ही नहीं, बल्कि NASA और पूरी स्पेस इंडस्ट्री की नजर टिकी हुई है, क्योंकि यही रॉकेट भविष्य में इंसानों को चांद और मंगल तक ले जाने की बड़ी उम्मीद माना जा रहा है.

पिछले कुछ महीनों में SpaceX ने Starship में कई बड़े बदलाव किए हैं. कंपनी का दावा है कि नया वर्जन पहले से ज्यादा भरोसेमंद, ताकतवर और दोबारा इस्तेमाल के लिए बेहतर बनाया गया है.

Starship V3 में क्या बदला गया है?

नई टेस्ट फ्लाइट में Starship V3 कॉन्फिगरेशन देखने को मिल सकता है. यह वही अपग्रेडेड मॉडल है जिसमें इंजन सिस्टम, स्ट्रक्चर और हीट प्रोटेक्शन सिस्टम को पहले से ज्यादा मजबूत बनाया गया है.

Starship करीब 120 मीटर ऊंचा रॉकेट सिस्टम है, जिसमें Super Heavy Booster और Starship Upper Stage शामिल हैं. इसमें इस्तेमाल होने वाले Raptor इंजन लिक्विड मीथेन और लिक्विड ऑक्सीजन पर चलते हैं. यही इंजन भविष्य के Moon और Mars मिशनों की सबसे बड़ी ताकत माने जा रहे हैं.

SpaceX इस बार इंजन की परफॉर्मेंस, थर्मल कंट्रोल और रीयूजेबिलिटी पर खास फोकस कर रहा है.

इस टेस्ट फ्लाइट में क्या होगा खास?

यह मिशन किसी सैटेलाइट लॉन्च के लिए नहीं बल्कि सिस्टम टेस्टिंग के लिए किया जा रहा है. लॉन्च के दौरान इंजीनियर्स कई अहम चरणों पर नजर रखेंगे, जिनमें रॉकेट का टेकऑफ, स्टेज सेपरेशन, बूस्टर की वापसी और कंट्रोल्ड डिसेंट शामिल हैं.

सबसे ज्यादा ध्यान Super Heavy Booster की वापसी पर रहेगा. SpaceX भविष्य में लॉन्च टावर के मैकेनिकल आर्म्स की मदद से बूस्टर को हवा में पकड़ने की तकनीक विकसित कर रहा है. यह तकनीक सफल हुई तो रॉकेट लॉन्च की लागत काफी कम हो सकती है.

वहीं Starship Upper Stage की री-एंट्री भी इस मिशन का बड़ा हिस्सा होगी. इसमें लगे हजारों सिरेमिक टाइल्स वाले हीट शील्ड को बेहद गर्म तापमान में टेस्ट किया जाएगा.

NASA के Artemis मिशन के लिए क्यों अहम है Starship?

Starship सिर्फ SpaceX का प्रोजेक्ट नहीं बल्कि NASA के Artemis प्रोग्राम का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है. NASA ने Starship के एक मॉडिफाइड वर्जन को Human Landing System के तौर पर चुना है, जिसका इस्तेमाल अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की सतह तक पहुंचाने में किया जाएगा.

यही वजह है कि Starship की हर टेस्ट फ्लाइट NASA के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण बन गई है. अगर SpaceX इस सिस्टम को पूरी तरह सफल बना लेता है, तो भविष्य में Moon Base और Mars मिशन की राह काफी आसान हो सकती है.

SpaceX का अलग तरीका बना रहा Starship को खास

SpaceX पारंपरिक स्पेस कंपनियों की तरह कई साल तक सिर्फ लैब टेस्टिंग नहीं करता. कंपनी Test, Fail, Fix, Repeat मॉडल पर काम करती है. यानी बार-बार टेस्ट कर के हर गलती से सीखना और सिस्टम को बेहतर बनाना.

इसी वजह से Starship प्रोग्राम बेहद तेजी से आगे बढ़ा है. हर लॉन्च से मिलने वाला डेटा इंजन परफॉर्मेंस, फ्लाइट स्टेबिलिटी, स्ट्रक्चर और लैंडिंग सिस्टम को और मजबूत बनाने में इस्तेमाल किया जाता है.

क्यों पूरी दुनिया की नजर इस मिशन पर है?

अगर 20 मई का यह मिशन सफल रहता है, तो SpaceX पूरी तरह से रीयूजेबल रॉकेट सिस्टम के और करीब पहुंच जाएगा. इससे भविष्य में स्पेस मिशन की लागत काफी कम हो सकती है.

Starship को भविष्य में बड़े सैटेलाइट लॉन्च, चंद्र मिशन, मंगल यात्रा और यहां तक कि पृथ्वी पर हाई-स्पीड ट्रैवल के लिए भी इस्तेमाल करने की योजना है. यही कारण है कि इस टेस्ट फ्लाइट को सिर्फ एक रॉकेट लॉन्च नहीं बल्कि भविष्य की स्पेस टेक्नोलॉजी का बड़ा कदम माना जा रहा है.

  • Related Posts

    11 जून की टॉप 20 खबरें: अमेरिकी राजनयिक तलब, भारत मंडपम से गरजे पीएम मोदी, शुभेंदु सरकार में विभागों का बंटवारा

    1. इंडियन टैंकर पर अमेरिकी हमले के बाद 3 भारतीय लापता, भारत का कड़ा रुख, US राजनयिक तलब Iran America Conflict: ओमान तट के पास बुधवार (10 जून) को एक…

    Read more

    PM Kisan की 23वीं किस्त पर बड़ा अपडेट! क्या 18 जून को आएंगे ₹2,000? जानिए सच्चाई

    PM Kisan 23rd Installment : देश के करोड़ों किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना की अगली किस्त का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है. केंद्र सरकार ने 13…

    Read more

    NATIONAL

    11 जून की टॉप 20 खबरें: अमेरिकी राजनयिक तलब, भारत मंडपम से गरजे पीएम मोदी, शुभेंदु सरकार में विभागों का बंटवारा

    11 जून की टॉप 20 खबरें: अमेरिकी राजनयिक तलब, भारत मंडपम से गरजे पीएम मोदी, शुभेंदु सरकार में विभागों का बंटवारा

    PM Kisan की 23वीं किस्त पर बड़ा अपडेट! क्या 18 जून को आएंगे ₹2,000? जानिए सच्चाई

    PM Kisan की 23वीं किस्त पर बड़ा अपडेट! क्या 18 जून को आएंगे ₹2,000? जानिए सच्चाई

    मोदी सरकार के 12 वर्ष आदिवासी उत्थान और नक्सलमुक्ति का स्वर्णकाल- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    मोदी सरकार के 12 वर्ष आदिवासी उत्थान और नक्सलमुक्ति का स्वर्णकाल- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    लोगों का भरोसा जीतने में सफल रहे हैं पीएम मोदी, पढ़ें नीतीश कुमार का आलेख

    लोगों का भरोसा जीतने में सफल रहे हैं पीएम मोदी, पढ़ें नीतीश कुमार का आलेख

    ममता बनर्जी के चारों ओर सन्नाटा! फोन बंद, चेहरे गायब, दीदी के सबसे करीबी सांसदों ने संकट में मुंह फेरा

    ममता बनर्जी के चारों ओर सन्नाटा! फोन बंद, चेहरे गायब, दीदी के सबसे करीबी सांसदों ने संकट में मुंह फेरा

    4399 दिन… पीछे छूटे नेहरू, नरेंद्र मोदी बने भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री

    4399 दिन… पीछे छूटे नेहरू, नरेंद्र मोदी बने भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री