Ro no D15139/23

एल-नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए किसानों के लिए विशेष कृषि सलाह

 

राजनांदगांव 26 जून 2026। कृषि विज्ञान केन्द्र राजनांदगांव के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गुंजन झा ने बताया कि एल-नीनो एक वैश्विक जलवायु घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर के मध्य एवं पूर्वी भाग के समुद्री जल का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है। इसके प्रभाव से भारत में मानसून कमजोर पड़ सकता है, वर्षा में कमी या असमान वितरण हो सकता है तथा सूखे जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए किसानों को अग्रिम तैयारी करने की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा वर्ष 2026 के खरीफ मौसम में संभावित एल-नीनो प्रभाव को देखते हुए किसानों के लिए विशेष कृषि परामर्श एवं आकस्मिक कार्ययोजना जारी की गई है। इसमें मानसून के आगमन में विलंब, कम वर्षा तथा लंबे शुष्क अंतराल (ड्राई स्पेल) की संभावना को ध्यान में रखते हुए किसानों को वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाने की सलाह दी गई है। कम एवं मध्यम अवधि में पकने वाली फसलों एवं किस्मों का चयन करें। धान की रोपा पद्धति के स्थान पर सीधी बुवाई (डीएसआर) को प्राथमिकता दें। खेतों में मजबूत मेड़बंदी कर वर्षा जल संरक्षण सुनिश्चित करें। उच्च भूमि वाले क्षेत्रों में धान के स्थान पर अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, तिल, रामतिल एवं सोयाबीन जैसी वैकल्पिक फसलों को अपनाएं। फसल विविधीकरण द्वारा जोखिम को कम करें। बुवाई से पूर्व बीजों का कार्बेन्डाजिम एवं थायमेथोक्साम व इमिडाक्लोप्रिड से उपचार करें। धान में एजोस्पिरिलम, अन्य फसलों में एजोटोबैक्टर तथा दलहनी फसलों में राइजोबियम जैव उर्वरकों का उपयोग करें। बुवाई के 3 से 5 दिन के भीतर अनुशंसित अंकुरण पूर्व खरपतवारनाशी का प्रयोग करें। यदि 15 जुलाई तक पर्याप्त अंकुरण न हो तो पुन: बुवाई करें तथा सामान्य बीज दर से 10 प्रतिशत अधिक बीज का उपयोग करें। जुलाई के अंत तक मूंग एवं उड़द तथा अगस्त माह में तिल, सूरजमुखी एवं मध्यम अवधि की अरहर की बुवाई करें। कतार पद्धति से बुवाई एवं मल्चिंग अपनाकर मिट्टी की नमी संरक्षित रखें। गांवों में नालों पर अस्थायी बांध बनाकर वर्षा जल संचयन को बढ़ावा दें। कम वर्षा की स्थिति में नत्रजन उर्वरकों का संतुलित उपयोग करें। 2 प्रतिशत यूरिया घोल का पर्णीय छिड़काव तथा प्रति एकड़ 2 बोतल नैनो यूरिया का उपयोग करें। दलहनी एवं तिलहनी फसलों में बुवाई के लगभग एक माह बाद 2 प्रतिशत डीएपी घोल का छिड़काव करें। तालाब, कुएं एवं अन्य जल संरचनाओं में वर्षा जल संग्रहित करें तथा आवश्यकता पडऩे पर जीवन रक्षक सिंचाई दें। ड्रिप एवं स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को अपनाएं। मौसम पूर्वानुमान के आधार पर कृषि कार्यों की योजना बनाएं तथा कृषि विशेषज्ञों की सलाह का पालन करें। किसान समय रहते उचित तैयारी, जल संरक्षण तथा वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर एल-नीनो के संभावित प्रतिकूल प्रभावों को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

  • Related Posts

    जैविक सब्जी के उत्पादन और एप्पल की खेती से बनाई नई पहचान

      रायपुर. 26 जून 2026. नगर पंचायत मल्हार के प्रगतिशील किसान श्री जदुनंदन वर्मा ने जैविक खेती और नवाचार के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई है। वे एक एकड़…

    Read more

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के सुशासन में साकार हो रहे गरीबों के सपने, प्रधानमंत्री आवास योजना से अमृतलाल के परिवार को मिला सम्मानपूर्ण जीवन

    कच्चे घर की परेशानियों से मिली मुक्ति, पक्के आवास ने बदली पूरे परिवार की तस्वीर और तकदीर रायपुर, 26 जून 2026। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में…

    Read more

    NATIONAL

    डॉक्टर से IPS और अब IB चीफ: कौन हैं महेश दीक्षित, जिन्हें मिली देश की सबसे अहम जिम्मेदारी?

    डॉक्टर से IPS और अब IB चीफ: कौन हैं महेश दीक्षित, जिन्हें मिली देश की सबसे अहम जिम्मेदारी?

    पुणे मर्डर: क्या सिया करती थी ड्रिंक? मां बोली- दोषी है तो बेटी को उसी जगह से धक्का दे दिया जाए

    पुणे मर्डर: क्या सिया करती थी ड्रिंक? मां बोली- दोषी है तो बेटी को उसी जगह से धक्का दे दिया जाए

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के लिए खाद-बीज उपलब्धता पर हुई विस्तृत चर्चा

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के लिए खाद-बीज उपलब्धता पर हुई विस्तृत चर्चा

    MEA के बयान से छिड़ी बहस, आखिर भारतीय नागरिकता साबित कैसे होती है?

    MEA के बयान से छिड़ी बहस, आखिर भारतीय नागरिकता साबित कैसे होती है?

    वेनेजुएला में 39 सेकंड में 1 लाख मौत की आशंका, भूकंप से सड़कों में दरार, ढहीं इमारतें; वीडियो देख कांप उठेगा दिल

    वेनेजुएला में 39 सेकंड में 1 लाख मौत की आशंका, भूकंप से सड़कों में दरार, ढहीं इमारतें; वीडियो देख कांप उठेगा दिल

    ईरान के परमाणु ठिकानों की जांच होगी… वरना बातचीत रद्द कर देता, डोनाल्ड ट्रंप ने फिर फंसाया पेंच

    ईरान के परमाणु ठिकानों की जांच होगी… वरना बातचीत रद्द कर देता, डोनाल्ड ट्रंप ने फिर फंसाया पेंच