Ro no D15139/23

विश्व मलेरिया दिवस पर विशेष

*जांच, उपचार और जनभागीदारी से बदलती तस्वीर, अब लक्ष्य पूर्ण उन्मूलन*

रायपुर, 24 अप्रैल 2026 (IMNB NEWS AGENCY) शुरुआत अक्सर मामूली ही होती है-हल्का बुखार, ठंड लगना, शरीर में कमजोरी… ऐसे लक्षण जिन्हें हम आमतौर पर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कई बार यही संकेत एक गंभीर बीमारी की दस्तक होते हैं। मलेरिया भी ठीक इसी तरह धीरे-धीरे शरीर को जकड़ता है l संक्रमित एनोफिलीज मच्छर के एक डंक से शुरू होकर, अगर समय पर पहचान न हो, तो स्थिति को जटिल बना सकता है। यही कारण है कि समय पर जांच और उपचार को लेकर जागरूकता बेहद जरूरी मानी जाती है।

 

25 अप्रैल को मनाया जाने वाला विश्व मलेरिया दिवस हमें न सिर्फ इस बीमारी के खतरों की याद दिलाता है, बल्कि यह भी बताता है कि सतर्कता और सामूहिक प्रयासों से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। छत्तीसगढ़ के संदर्भ में यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है, जहां भौगोलिक परिस्थितियों और दूरस्थ बसाहटों के कारण लंबे समय तक मलेरिया एक बड़ी चुनौती बना रहा।

 

हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में राज्य ने इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष *2015* में दर्ज कुल 144886 मामलों की तुलना में वर्ष *2025* में यह संख्या घटकर 28836 रह गई। यह परिवर्तन इस बात का संकेत है कि सुनियोजित रणनीति, समयबद्ध जांच और निःशुल्क उपचार जैसे प्रयास अब असर दिखा रहे हैं।

 

मलेरिया, जो संक्रमित एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है, समय पर उपचार न मिलने पर गंभीर रूप ले सकता है। विशेषकर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों के लिए यह अधिक जोखिमपूर्ण होता है। इसे ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने मलेरिया नियंत्रण के लिए बहु-आयामी रणनीति अपनाई है।

 

राज्य में मलेरिया उन्मूलन हेतु प्रभावी रणनीति अपनायी जा रही हैं जिसके तहत हर संदिग्ध व्यक्ति की तत्काल जांच, पॉजिटिव पाए जाने पर निःशुल्क उपचार और मरीजों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही ‘मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़, मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर ’ जैसे अभियान भी संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें स्वास्थ्य अमला घर-घर पहुंचकर जांच और दवा वितरण कर रहा है।

 

सुदूर वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट, मितानिन और स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ये टीमें न केवल जांच और उपचार कर रही हैं, बल्कि लोगों को मलेरिया से बचाव के उपायों के प्रति भी जागरूक बना रही हैं।

 

मलेरिया से बचाव के लिए व्यक्तिगत स्तर पर सतर्कता अत्यंत आवश्यक है। मच्छरदानी का उपयोग, आसपास साफ-सफाई बनाए रखना, पानी का ठहराव न होने देना और बुखार आने पर तुरंत जांच कराना, ये सरल उपाय इस बीमारी के प्रसार को रोकने में प्रभावी हैं।

 

राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक छत्तीसगढ़ को मलेरिया मुक्त प्रदेश के रूप में स्थापित किया जाए। इसके लिए शासन, प्रशासन और आमजन के बीच समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है।

विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और मलेरिया के प्रति सजग रहकर एक स्वस्थ, सुरक्षित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहयोग करें।

  • Related Posts

    बीजापुर ने रचा इतिहास, तेंदूपत्ता नीलामी में मिला वर्षों का सर्वाधिक मूल्य

      गुणवत्तापूर्ण संग्रहण और बेहतर प्रबंधन का मिला पुरस्कार, हजारों संग्राहक परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ रायपुर, 21 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ के बीजापुर वनमंडल एवं जिला यूनियन ने वर्ष 2026…

    Read more

    पटवारी निलंबित, राजस्व रिकॉर्ड में गड़बड़ी करने का मामला

    रायपुर, 21 जुलाई 20262/ बेमेतरा जिले के ग्राम निनवा के पटवारी हल्का क्रमांक-40 की पटवारी श्रीमती अम्बा उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर के निर्देश…

    Read more

    NATIONAL

    Parliament Session LIVE: संसद में जोरदार हंगामा, बोले पीएम मोदी- NEET मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया

    Parliament Session LIVE: संसद में जोरदार हंगामा, बोले पीएम मोदी- NEET मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया

    Parliament Session Live : लोकसभा में हंगामा, सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित

    Parliament Session Live : लोकसभा में हंगामा, सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित

    स्काईरूट के बहाने राहुल गांधी पर पीएम मोदी का तंज, बोले- कमाल 28 साल के युवाओं का, 56 साल के ‘युवा’ का नहीं

    स्काईरूट के बहाने राहुल गांधी पर पीएम मोदी का तंज, बोले- कमाल 28 साल के युवाओं का, 56 साल के ‘युवा’ का नहीं

    लोकतंत्र में युवाओं की आवाज़ को दबाना समाधान नहीं — मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी

    लोकतंत्र में युवाओं की आवाज़ को दबाना समाधान नहीं — मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी

    बेलगावी, कर्नाटक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक

    बेलगावी, कर्नाटक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक

    भारत पर 100% टैरिफ लगाने की तैयारी में अमेरिका, लिंडसे ग्राहम ने दिया था 500 प्रतिशत का प्रस्ताव

    भारत पर 100% टैरिफ लगाने की तैयारी में अमेरिका, लिंडसे ग्राहम ने दिया था 500 प्रतिशत का प्रस्ताव