Ro no D15139/23

भोरमदेव में महाचतुर शुद्धि सहस्र कलशम्: दुर्लभ वैदिक एवं शैव आगम अनुष्ठानों से जागृत हुई आध्यात्मिक ऊर्जा

कवर्धा (IMNB NEWS AGENCY) छत्तीसगढ़ के ‘खजुराहो’ के नाम से प्रसिद्ध ऐतिहासिक भोरमदेव महादेव मंदिर में श्री महा दिव्य देशम् फाउंडेशन (एसएमडीडीएफ) एवं भोरमदेव सनातन तीर्थ समिति, कबीरधाम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय ‘महाचतुर शुद्धि सहस्र कलशम्-2026’ श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं के दिव्य वातावरण में संपन्न हो रहा है। देशभर से आए श्रद्धालु इस महाअनुष्ठान में सहभागिता कर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कर रहे हैं। यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि वैदिक एवं शैव आगम परंपरा के उन दुर्लभ संस्कारों का पुनर्जागरण है, जिनका उद्देश्य मंदिर, प्रकृति और समाज की आध्यात्मिक चेतना को पुनः जागृत करना है।

 

महाअनुष्ठान के चौथे दिन मंगलवार को कलशाभिषेक, अष्टदिक्पालक आवाहन, शिवलिंग स्थापन, योगिनी त्वरिता पूजा तथा विशेष संगीत, नृत्य एवं वाद्य अर्चना जैसे दुर्लभ अनुष्ठान संपन्न हुए। केरल से आए वैदिक आचार्यों ने शैव आगम परंपरा के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान भोरमदेव का कलशाभिषेक कराया। तांबे एवं पीतल के पवित्र कलशों में गंगाजल, पंचगव्य, औषधियां, आम के पत्ते और नारियल स्थापित कर देवशक्ति का आवाहन किया गया। इसके पश्चात अभिमंत्रित कलशों के जल से शिवलिंग का अभिषेक कर मंदिर, क्षेत्र और समस्त मानव समाज के कल्याण की प्रार्थना की गई।

 

इसके बाद अष्टदिक्पालक आवाहन के अंतर्गत आठों दिशाओं के अधिष्ठाता देवताओं इंद्र, अग्नि, यम, नैऋति, वरुण, वायु, कुबेर और ईशान का वैदिक मंत्रों के साथ आवाहन किया गया। उनसे संपूर्ण अनुष्ठान की निर्विघ्न सिद्धि, क्षेत्र की रक्षा, विश्व शांति और लोकमंगल की कामना की गई।

 

महाअनुष्ठान के दौरान शिवलिंग स्थापन की पवित्र प्रक्रिया भी संपन्न हुई। वैदिक एवं शैव आगम विधि के अनुसार भगवान शिव का आवाहन, प्राण प्रतिष्ठा और अभिषेक कर शिवलिंग को दिव्य चेतना से संपन्न पूजनीय स्वरूप प्रदान किया गया। इसे देवशक्ति के पुनर्जागरण और मंदिर की आध्यात्मिक ऊर्जा के पुनर्संचार का प्रतीक माना जाता है।

 

इसी क्रम में योगिनी त्वरिता पूजा के माध्यम से शक्ति स्वरूपा मां त्वरिता की आराधना कर अनुष्ठान की सफलता, आध्यात्मिक उन्नति, सकारात्मक ऊर्जा तथा समस्त विघ्न-बाधाओं की शांति की प्रार्थना की गई। शाक्त एवं शैव परंपराओं में इस पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।

 

शाम को भगवान भोरमदेव के समक्ष विशेष संगीत, नृत्य एवं वाद्य अर्चना प्रस्तुत की गई। केरल के पारंपरिक वाद्ययंत्रों नादस्वरम, चेंडा और मृदंगम की मंगलध्वनि तथा भक्तिमय शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुतियों से पूरा मंदिर परिसर शिवमय वातावरण में सराबोर हो गया। सनातन परंपरा में संगीत और नृत्य को ईश्वर की उपासना का दिव्य माध्यम माना गया है। भगवान शिव स्वयं नटराज स्वरूप में नृत्य और संगीत के अधिष्ठाता हैं, इसलिए यह अर्चना भक्ति, समर्पण और दिव्य चेतना का विशेष प्रतीक मानी जाती है।

 

महाअनुष्ठान में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सपत्नीक शामिल हुए और भगवान भोरमदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया। उनके साथ पंडरिया विधायक भावना बोहरा, शद्दाणी दरबार के पूज्य संत तथा विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी पूजा-अर्चना में सहभागिता की।

 

एसएमडीडीएफ के संस्थापक श्री आर.आर. जी ने कहा कि महाचतुर शुद्धि सहस्र कलशम्-2026 का उद्देश्य भोरमदेव मंदिर को केवल आस्था या पर्यटन का केंद्र नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, वैदिक ज्ञान और शैव आगम परंपरा के जीवंत आध्यात्मिक ऊर्जा केंद्र के रूप में पुनः प्रतिष्ठित करना है। उन्होंने कहा कि यह अनुष्ठान केवल भोरमदेव मंदिर ही नहीं, बल्कि संपूर्ण कबीरधाम, छत्तीसगढ़ और समस्त समाज के आध्यात्मिक कल्याण के लिए समर्पित है। देव प्रेरणा से संपन्न हो रहे इस महाअनुष्ठान से मंदिर की प्राणशक्ति, चेतना और आध्यात्मिक ऊर्जा का पुनर्जागरण हो रहा है, जिसका सकारात्मक प्रभाव पूरे क्षेत्र पर पड़ेगा।

 

महाअनुष्ठान का अंतिम दिवस बुधवार, 29 जुलाई (गुरु पूर्णिमा) को मनाया जाएगा। इस अवसर पर सहस्र कलशाभिषेक, उषा पूजा, शिवलिंग निमज्जनम् तथा सायंकाल श्रीचक्र पूजा के साथ महाअनुष्ठान का भव्य समापन होगा। आयोजन समिति ने कबीरधाम सहित प्रदेशभर के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस दिव्य आध्यात्मिक अनुष्ठान का पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की है।

  • Related Posts

    रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की छापेमार कार्रवाई अंबिकापुर के थोक खाद्य एवं मिठाई बाजारों का औचक निरीक्षण, वेफर्स का नमूना जांच हेतु भेजा

      अम्बिकापुर 17 अगस्त 2026/   राज्य में आम नागरिकों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं मानक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने तथा आगामी रक्षाबंधन पर्व को दृष्टिगत रखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट,…

    Read more

    रायपुर में सरगुजा संभाग की छात्राओं ने दी देशभक्ति की शानदार प्रस्तुति राज्य स्तरीय समारोह में सरगुजा की छात्राओं ने प्रथम स्थान प्राप्त कर बढ़ाया गौरव

      अम्बिकापुर 17 अगस्त 2026/   80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त 2026 को रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य राज्य स्तरीय समारोह में सरगुजा की छात्राओं…

    Read more

    NATIONAL

    रांची के पहाड़ी मंदिर समेत शिवालयों में उमड़ेगी भीड़, जानें सावन सोमवार और नाग पंचमी पूजा का विशेष महत्व

    रांची के पहाड़ी मंदिर समेत शिवालयों में उमड़ेगी भीड़, जानें सावन सोमवार और नाग पंचमी पूजा का विशेष महत्व

    15 अगस्त पर Instagram Post को बनाएं यादगार, तिरंगे वाली फोटो के लिए देखें 25+ कैप्शन

    15 अगस्त पर Instagram Post को बनाएं यादगार, तिरंगे वाली फोटो के लिए देखें 25+ कैप्शन

    पाकिस्तान में कैसे ‘जिहाद’ बना State Policy? General Zia ने 1979 में बदली रणनीति, तैयार हुआ ‘Proxy War’ का मॉडल

    पाकिस्तान में कैसे ‘जिहाद’ बना State Policy? General Zia ने 1979 में बदली रणनीति, तैयार हुआ ‘Proxy War’ का मॉडल

    होर्मुज पर ट्रंप की ‘स्टील की दीवार’ वाले दावे को ईरान ने नकारा, कहा- शर्तें माने अमेरिका तभी खुलेगा रास्ता

    होर्मुज पर ट्रंप की ‘स्टील की दीवार’ वाले दावे को ईरान ने नकारा, कहा- शर्तें माने अमेरिका तभी खुलेगा रास्ता

    2007 वाला करिश्मा दोहराएंगी मायावती? यूपी में अखिलेश-योगी के बीच BSP का ‘कमबैक प्लान’ तैयार!

    2007 वाला करिश्मा दोहराएंगी मायावती? यूपी में अखिलेश-योगी के बीच BSP का ‘कमबैक प्लान’ तैयार!

    रवि किशन के ‘मौन व्रत’ पर CM योगी की चुटकी, दावत का जिक्र कर मंच से पूछ लिया ऐसा सवाल… सब रह गए हैरान

    रवि किशन के ‘मौन व्रत’ पर CM योगी की चुटकी, दावत का जिक्र कर मंच से पूछ लिया ऐसा सवाल… सब रह गए हैरान