
दिनांक 22 दिसंबर 2025 (IMNB NEWS AGENCY) को प्रमुख अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHED) इंद्रावती भवनके सभागार में राज्य स्तरीय विभागाध्यक्ष–संयुक्त परामर्शदात्री समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख अभियंता द्वारा की गई। बैठक में विभिन्न संघों के प्रदेश अध्यक्ष, महामंत्री एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के पूर्व प्रमुख अभियंता द्वारा पाँच सूत्रीय एजेंडा पर चर्चा हेतु पत्र जारी किया गया था। उक्त बैठक में लघु वेतन शासकीय चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व योगेश चौरे ने किया। प्रतिनिधिमंडल में सफल मैत्री, संयोजक, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग भी शामिल रहे। संघ द्वारा पाँच के स्थान पर छह सूत्रीय एजेंडा प्रस्तुत किया गया, जिस पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रमुख मुद्दे एवं चर्चा
बैठक में सर्वप्रथम लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में कार्यरत लगभग 2400 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। संघ ने स्पष्ट किया कि ये कर्मचारी विभाग के रिक्त पदों के विरुद्ध वर्षों से कार्यरत हैं। कार्यभारित एवं आकस्मिक निधि नियम, 1974-75 (संशोधित 1984) के स्पष्ट प्रावधानों के अनुसार ऐसे कर्मचारियों को तीन वर्ष की सेवा पूर्ण करने के उपरांत नियमित वेतनमान दिया जाना चाहिए तथा प्रारंभिक तीन वर्षों तक कलेक्टर दर से भुगतान किया जाना अनिवार्य है।
इस विषय पर संघ के महामंत्री द्वारा प्रमुख अभियंता के समक्ष जोरदार तर्क प्रस्तुत किए गए, जिस पर लंबी एवं सार्थक चर्चा हुई। प्रमुख अभियंता ने बताया कि विभाग में अभी कार्यभारित भर्ती नियम उपलब्ध नहीं हैं, किंतु भर्ती नियम बनाने की प्रक्रिया लगभग पूर्ण हो चुकी है। इस पर संघ की ओर से मांग की गई कि भर्ती नियम समिति में संघ के प्रतिनिधि को सदस्य नामित किया जाए, ताकि कर्मचारियों से जुड़े सुझाव समय रहते सम्मिलित किए जा सकें। प्रमुख अभियंता ने नियमों का अवलोकन कर लिखित सुझाव देने का आग्रह किया।
वहीं कई दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी जो मूल रूप से दैनिक वेतन पर विभाग में कार्य पर थे इन्हें योजनाओं में समायोजन कर दिया गया है और योजना में प्लेसमेंट के तहत वेतन का भुगतान कर रहे हैं संघ में मांग रखा की इन्हें मूल दैनिक वेतन भोगी माना जाए प्रमुख अभियंता ने परीक्षण कर ऐसे मामलों को शीघ्र निपटारा का आश्वासन दिया
इसके पश्चात श्रम सम्मान राशि एवं ईपीएफ कटौती के विषय पर गंभीर चर्चा हुई। प्रमुख अभियंता ने बताया कि ईपीएफ कटौती के संबंध में शासन से मार्गदर्शी निर्देश मांगे गए हैं तथा श्रम सम्मान राशि सुविधा अनुसार जारी की जाएगी।
नियमित स्थापना एवं समयमान वेतन
संघ ने कार्यभारित कर्मचारियों को नियमित स्थापना में संविलियन का मुद्दा भी मजबूती से उठाया। शासन आदेश दिनांक 25.10.2002 के तहत अनेक विभागों में यह प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है, किंतु लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में लंबे समय से यह लंबित है। प्रमुख अभियंता ने इस पर सहमति व्यक्त की।
समयमान वेतन के संबंध में संघ की पहल पर दुर्ग सर्कल के लिए आदेश जारी हो चुके हैं। वहीं बिलासपुर जोन, अंबिकापुर जोन एवं जगदलपुर जोन में जिन कर्मचारियों को प्रथम एवं तृतीय समयमान वेतन नहीं मिला है, उनके लिए भी संघ ने जोरदार ढंग से विषय रखा। प्रमुख अभियंता ने शीघ्र आदेश जारी करने का आश्वासन दिया। वही सेवानिवृत कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के पश्चात समय पर पेंशन ग्रेजुएटी जैसे अन्य लाभ नहीं मिल पाते हैं इस पर प्रमुख अभियंता ने माना कि विभाग से प्रकरण तैयार कर लेखा एवं कोष को भेज दिया जाता है यदि उसमें कोई आपत्ति आती है तो उसे क्लियर करने में विभाग लेट कर रहा है इसके लिए शक्ति से निर्देश जारी किए जाएंगे
बैठक में संघ द्वारा प्रस्तुत छहों सूत्रीय मांगों पर प्रमुख अभियंता के साथ सहमति बनी तथा सभी मांगों के शीघ्र निराकरण की आशा व्यक्त की गई।
मंत्रालय स्तर पर प्रतिनिधिमंडल की चर्चा
बैठक के उपरांत छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने योगेश चौरे के नेतृत्व में मंत्रालय पहुंचकर अवर सचिव, अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास विभाग से लगभग एक घंटे तक चर्चा की। चर्चा का मुख्य विषय पूर्व में 13/10/2025 को विधि विभाग को दिए गए ज्ञापन से संबंधित प्रकरण था, जिसकी फाइल आदिवासी विकास विभाग के सचिव के समक्ष लंबित है।
संघ के महामंत्री के निर्देश पर 15 दिसंबर 2025 को संघ प्रतिनिधि संचनालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुरेश डीडी के द्वारा रिमाइंडर ज्ञापन भी प्रस्तुत किया गया था। यह मामला रतन कश्यप एवं अन्य प्रकरण (2023) में माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय के पश्चात आदेश 4.11.2016 की गलत व्याख्या से जुड़ा है, जिसके कारण बस्तर संभाग एवं राज्य के अन्य जिलों के हजारों कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी गई थी।
मंत्रालय स्तर पर हुई चर्चा में अवगत कराया गया कि इस विषय पर परीक्षण लगभग पूर्ण कर लिया गया है तथा शीघ्र ही आदेश जारी किए जाएंगे। रतन कश्यप वार्षिक वेतन वृद्धि प्रकरण अब अंतिम चरण में है और संघ की पहल पर ठोस कार्रवाई प्रारंभ हो चुकी है।









