Ro no D15139/23

जनवरी 2026 में रेस-वॉक शुरू करने वाली शिलांग की युवा एथलीट बेथलीन माकरी ने खुद पर यकीन रखते हुए खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में जीता कांस्य पदक

 

रायपुर, 1 अप्रैल 2026: पिछले साल 29 दिसंबर को शिलांग के साई के स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर में बेथलीन ग्रेस माकरी के कोच ने अचानक इस युवा एथलीट में एक रेस-वॉक एथलीट बनने की काबिलियत देखी। मजे की बात यह है कि बेथलीन खुद इस इवेंट के बारे में लगभग कुछ भी नहीं जानती थी और इसकी तकनीकी बारीकियों की तो बात ही छोड़ दें।

पिछले साल तक, मेघालय की यह युवा एथलीट एक मिडिल और लॉन्ग-डिस्टेंस रनर के तौर पर मुकाबला कर रही थीं। लेकिन 2026 की शुरुआत में, उसे अपना खेल बदलने के लिए कहा गया जिसने उसकी शारीरिक और मानसिक, दोनों तरह की ताकत की परीक्षा ली।

खासी ट्राइब से आने वाली बेथलीन के लिए यह बदलाव बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। उनके लिए शुरुआती कुछ सप्ताह बहुत कठिन थे, जब वह रेस-वॉक की अनजान तकनीक के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश कर रही थीं और शरीर में तेज दर्द से जूझ रही थीं। इसके चलते कई रातें बिना नींद के बीतीं और मन में आत्म-संदेह भी पैदा होने लगा।

हालांकि, उनके कोच और परिवार के सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी और इकलौती बेटी होने के नाते, बेथलीन ने इस चुनौती को स्वीकार किया और खेल की तकनीकी बारीकियों को सीखने में खुद को पूरी तरह समर्पित कर दिया। इसके बाद उन्होंने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के पहले एडिशन में भाग लेने के लिए जगदलपुर का रुख किया।

उन्होंने साई मीडिया से कहा, ” पहले दो हफ्ते वाकई बहुत मुश्किल थे, खासकर मेरे शरीर के लिए। रेस-वॉक की तकनीकी बारीकियां मध्यम या लंबी दूरी की दौड़ से बिल्कुल अलग होती हैं, इसलिए मुझे इसे समझने में समय लगा। इसके बाद कई रातों तक नींद नहीं आई, घबराहट के पल आए और आखिरकार मुझे खुद पर शक होने लगा कि क्या मेरा फैसला सही था।”

लेकिन बुधवार को उन संघर्षों का भरपूर फल मिला। बेथलीन ने महिलाओं की रेस-वॉक स्पर्धा में 1:05:18 का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। वह झारखंड की नेहा ज़ालक्सो (1:04:02) और ओडिशा की एलीश एक्का (1:04:59) के बाद तीसरे स्थान पर रहीं।

पदक जीतने के कुछ ही पलों बाद इस एथलीट ने इसका श्रेय अपने कोच और परिवार को दिया। उन्होंने कहा, ”मेरे कोच और मेरे परिवार ने मेरा पूरा साथ दिया, और मुझे इसे जारी रखने के लिए लगातार प्रेरित करते रहे। मैंने भी इसे आज़माने का सोचा, और आज मैं यहां हूं। मेरे पास अभी भी सुधार की गुंजाइश है, लेकिन यह ठीक वैसी ही शुरुआत थी जिसकी मुझे ज़रूरत थी।”

उन्होंने आगे कहा, ” खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में मिला कांस्य पदक मेरी कड़ी मेहनत, मेरे विश्वास और मेरे कोचों व परिवार के समर्थन का प्रमाण है और यह इस खेल में आगे बढ़ने के लिए मेरे आत्मविश्वास को बढ़ाने का काम करता है।“

शिलांग कॉलेज में बीए की दूसरे वर्ष की छात्रा बेथलीन को इस बात पर बेहद गर्व है कि वह मेघालय की एकमात्र ऐसी ‘रेस वॉकर’ हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीता है।

उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, ” मेघालय से कोई रेस वॉकर नहीं है और मेरा मानना है कि मेरा ‘खेलो इंडिया’ पदक युवाओं को इस खेल को पेशेवर तौर पर अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। मुझे भी अब यह खेल पसंद आने लगा है।”

  • Related Posts

    मिशन उत्कर्ष के तहत बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने निजी विद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक कमजोर परीक्षा परिणाम, फर्जी पंजीयन और अनियमितताओं पर होगी सख्त कार्रवाई : कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह शिक्षा का मंदिर है स्कूल, विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

    रायपुर, 10 जून 2026/ जिले में बोर्ड परीक्षा परिणामों को और बेहतर बनाने तथा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने आज रेडक्रॉस भवन रायपुर में जिले के सभी अशासकीय विद्यालयों…

    Read more

    जल जीवन मिशन के तहत 6 गांवों की 4 एजेंसियों का अनुबंध निरस्त ईएमडी राशि राजसात, भविष्य में एजेंसियों की निविदाओं में भाग लेने पर रोक

    रायपुर 10 जून 2026/ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देष पर जल जीवन मिषन में दिए गए कार्यों को पूर्ण नहीं किए जाने पर 6 ग्रामों के अनुबंधों को निरस्त…

    Read more

    NATIONAL

    मोदी सरकार के 12 वर्ष आदिवासी उत्थान और नक्सलमुक्ति का स्वर्णकाल- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    मोदी सरकार के 12 वर्ष आदिवासी उत्थान और नक्सलमुक्ति का स्वर्णकाल- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    लोगों का भरोसा जीतने में सफल रहे हैं पीएम मोदी, पढ़ें नीतीश कुमार का आलेख

    लोगों का भरोसा जीतने में सफल रहे हैं पीएम मोदी, पढ़ें नीतीश कुमार का आलेख

    ममता बनर्जी के चारों ओर सन्नाटा! फोन बंद, चेहरे गायब, दीदी के सबसे करीबी सांसदों ने संकट में मुंह फेरा

    ममता बनर्जी के चारों ओर सन्नाटा! फोन बंद, चेहरे गायब, दीदी के सबसे करीबी सांसदों ने संकट में मुंह फेरा

    4399 दिन… पीछे छूटे नेहरू, नरेंद्र मोदी बने भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री

    4399 दिन… पीछे छूटे नेहरू, नरेंद्र मोदी बने भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री

    नाज़िया इलाही खान के बयान पर मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी का तीखा पलटवार, कहा— “मुहर्रम और अज़ादारी पर सवाल उठाना करोड़ों भारतीयों की आस्था का अपमान”

    नाज़िया इलाही खान के बयान पर मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी का तीखा पलटवार, कहा— “मुहर्रम और अज़ादारी पर सवाल उठाना करोड़ों भारतीयों की आस्था का अपमान”

    वाराणसी में नॉनवेज दुकानों पर कार्रवाई और शराब की दुकानों पर चुप्पी न्यायसंगत नहीं : मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी

    वाराणसी में नॉनवेज दुकानों पर कार्रवाई और शराब की दुकानों पर चुप्पी न्यायसंगत नहीं : मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी