Ro no D15139/23

सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई की याचिका पर केंद्र को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, अगली सुनवाई 14 को

नई दिल्‍ली । सुप्रीम कोर्ट ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिए जाने को चुनौती देने वाली उनकी पत्नी गीतांजलि जे अंगमो की एक याचिका पर केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख से जवाब मांगा है. याचिका में वांगचुक की तत्काल रिहाई का अनुरोध किया गया है. हालांकि जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के कारणों के बारे में उनकी पत्नी को जानकारी उपलब्ध कराने के संबंध में आदेश देने से इनकार कर दिया. मामले की सुनवाई 14 अक्टूबर तक स्थगित कर दी गई है.

कोर्ट ने क्‍या कहा…

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख प्रशासन को सोनम वांगचुक की कथित रूप से गैर-कानूनी हिरासत के खिलाफ दाखिल याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. अदालत ने आदेश दिया कि हिरासत से संबंधित दस्तावेज और आदेश की कॉपी याचिकाकर्ता यानी वांगचुक की पत्नी को मुहैया कराई जाए. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि सोनम वांगचुक को जेल में उचित चिकित्सा सुविधा दी जाए. कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 14 अक्टूबर (मंगलवार) तय की है.

क्या है वांगचुक की पत्नी की याचिका में

वांगचुक की पत्नी की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि वांगचुक के पाकिस्तान-चीन लिंक का झूठा प्रचार इस गांधीवादी आंदोलन को बदनाम करने की साजिश है. सोनम वांगचुक और उनके सहयोगियों के खिलाफ एक झूठा और खतरनाक नैरेटिव फैलाया जा रहा है, जिससे उनके गांधीवादी आंदोलन को पाकिस्तान और चीन से जोड़कर बदनाम किया जा सके. याचिका में कहा गया है कि ऐसी दुर्भावनापूर्ण अफवाहें लोकतांत्रिक असहमति को कलंकित करने का प्रयास हैं. याचिका में दावा किया गया है कि वास्तव में वांगचुक हमेशा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए काम करते रहे हैं और भारतीय सेना की मदद के लिए ऊंचाई वाले इलाकों में शेल्टर जैसी नई-नई तकनीकें विकसित की हैं. ये गिरफ्तारी गैरकानूनी है. उन्हें डिटेंशन ऑर्डर की कॉपी नहीं दी गई है’. याचिका में यह भी कहा गया है कि अब तक न तो सोनम वांगचुक और न ही उनकी पत्नी को गिरफ्तारी आदेश या उसके आधार बताए गए हैं, जो संविधान के अनुच्छेद 22(5) का उल्लंघन है.

जोधपुर जेल में बंद हैं वांगचुक

वांगचुक को 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में लिया गया था. इससे दो दिन पहले लद्दाख को राज्य का दर्जा देने एवं छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों में केंद्र शासित प्रदेश में चार लोगों की मौत हो गई थी और 90 लोग घायल हो गए थे. वांगचुक राजस्थान की जोधपुर जेल में बंद हैं.

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