
– बिहार गीत के रचयिता कवि सत्यनारायण जी के निधन पर ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने जताया गहरा शोक
अतीश दीपंकर
पटना, 29 अगस्त |
बिहार की सांस्कृतिक पहचान को अपनी लेखनी से स्वर देने वाले वरिष्ठ कवि एवं गीतकार सत्यनारायण जी का कल शुक्रवार की देर रात निधन हो गया !
ग्रामीण विकास विभाग तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री सह जदयू विधायक दल के मंत्री श्रवण कुमार ने इस दुखद समाचार पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि बिहार गीत ‘मेरे भारत के कंठहार, तुझको शत-शत वंदन बिहार’ के रचयिता कवि सत्यनारायण जी का निधन बिहार की सांस्कृतिक विरासत और साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपनी लेखनी से बिहार की मिट्टी, इतिहास, गौरव और जनभावनाओं को शब्दों में पिरोया। बिहार गीत आज भी प्रदेश की पहचान का जीवंत प्रतीक है और सरकारी कार्यक्रमों से लेकर स्कूलों तक गाया जाता है। उनकी रचनाएं आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।
मंत्री श्री कुमार ने आगे कहा कि सत्यनारायण जी के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उनकी कविताओं ने जनचेतना को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि, वे हिंदी साहित्य के महत्वपूर्ण स्तंभ थें। उनकी लेखनी ने न सिर्फ साहित्य को ही समृद्ध किया, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक चेतना को भी मजबूत किया। उनके निधन की खबर से पूरे प्रदेश के साहित्यिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर फैल गई है।
मंत्री श्री कुमार ने सत्यनारायण जी के लिए ईश्वर से प्राथना कि की ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दें।









