
*अब सब्ज़ियों और फलों से हो रही अच्छी कमाई, किसानों के चेहरे खिले*
रायपुर 27 मई 2025/ मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के एक छोटे से गांव शिवपुर के किसानों की तकदीर अब बदलने लगी है। इसका कारण है – गांव के बीच बहने वाले पुसौर नाले पर बना चेकडेम। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत बने इस चेकडेम ने गांव के मेहनतकश किसानों की ज़िंदगी में नई उम्मीदें जगा दी हैं। पहले ये किसान बारिश के भरोसे परंपरागत फसलों की खेती करते थे, लेकिन अब चेकडेम से नाले में सालभर पानी रुकने लगा है, जिससे खेतों को सिंचाई मिल रही है और किसान सब्ज़ी-फल की खेती करके अच्छी आमदनी कमा रहे हैं।
गांव के किसान श्यामलाल बताते हैं कि पहले तो पानी की बड़ी दिक्कत थी। अब चेकडेम से खेतों में पानी मिल रहा है। मैंने इस बार 25 ट्रैक्टर तरबूज बेच दिए और हर महीने 4-5 हज़ार रुपये की सब्ज़ी बेच रहा हूँ। आमदनी पहले से दोगुनी हो गई है। करीब एक किलोमीटर तक नाले में पानी रुकने से गांव के 26 से ज्यादा किसानों को फायदा हो रहा है। इनमें देव रंजन, सेमलाल, दयाराम, हिरदन, शिवनारायण, सुंदर सिंह जैसे किसान शामिल हैं, जिनकी कुल 30 एकड़ से ज्यादा ज़मीन अब सिंचित हो रही है।
गांव में मनरेगा के तहत लेबर बजट बन रहा था, तब गांव वालों ने ग्राम सभा में चेकडेम बनाने की मांग की थी। प्रशासन ने इस पर तुरंत एक्शन लिया और 18 लाख 92 हजार रुपये की लागत से चेकडेम बनवाया गया। निर्माण कार्य ग्राम पंचायत ने ही किया और तकनीकी सहायक राहुल दास की देखरेख में इसे समय पर और अच्छे क्वालिटी के साथ पूरा किया गया। कुछ ही समय पहले जब मनरेगा के अपर आयुक्त गांव के दौरे पर पहुंचे, तो उन्होंने भी किसानों से बात कर उनके उत्साह की सराहना की।
आज जब गांव के खेतों में खीरा, बैगन, लौकी, तरबूज जैसी फसलें लहलहा रही हैं, तो ये साफ दिखता है कि सही योजना, सही जगह और गांववालों की मेहनत मिल जाए, तो बदलाव जरूर आता है। शिवपुर का यह छोटा सा चेकडेम अब बड़े बदलाव की मिसाल बन गया है, न सिर्फ पानी बचा रहा है, बल्कि गांव के किसानों की ज़िंदगी भी संवार रहा है।









