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सिकल सेल रोग से जंग जीतने वाले बच्चों का सम्मान, बीमारी से नहीं, हिम्मत से पहचाने जाएंगे ये चेहरे

*विश्व सिकल सेल दिवस पर रायपुर स्थित सिकल सेल इंस्टीट्यूट में आयोजित हुआ प्रेरणादायी कार्यक्रम*

रायपुर 19 जून 2025/ जब जीवन में मुश्किलें पहाड़ बनकर सामने खड़ी हों और सामने एक नन्हा बच्चा सीना तानकर कहे-“मैं हार नहीं मानूंगा”, तो समझिए कि असली योद्धा वही है। विश्व सिकल सेल दिवस पर आज रायपुर स्थित सिकल सेल इंस्टीट्यूट में ऐसा ही जज़्बा देखने को मिला। मौका था उन 40 नन्हे-मुन्ने योद्धाओं के सम्मान का, जिन्होंने सिकल सेल जैसी गंभीर बीमारी से जूझते हुए न सिर्फ जीत हासिल की, बल्कि हजारों लोगों को प्रेरणा देने वाला उदाहरण भी बन गए।

कार्यक्रम में बच्चों को प्रशस्ति पत्र, उपहार और स्मृति चिह्न भेंट किए गए। जब ये बच्चे मंच पर आए, तो वहाँ मौजूद हर चेहरे पर एक आत्मीय मुस्कान थी और तालियों की गूंज में उनके साहस की गाथा सुनाई दे रही थी। यह दृश्य न सिर्फ भावुक करने वाला था, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा भी बन गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिकल सेल संस्थान के पूर्व महानिदेशक डॉ. अरविंद नेरल उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि सिकल सेल अब वह रोग नहीं रहा जिससे केवल डरना पड़े। समय पर जांच, नियमित उपचार और सामाजिक सहयोग से इसे पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने इन बच्चों को ‘‘जीवित उदाहरण’’बताते हुए कहा कि इनका हौसला असाधारण है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य सिकल सेल रोग नियंत्रण की स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. निधि गवालरे ने भी विशिष्ट अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे सिकल सेल उन्मूलन कार्यक्रमों पर जानकारी देते हुए बताया कि किस प्रकार जागरूकता और समय पर चिकित्सा पहुंच बढ़ाकर इस रोग से छुटकारा पाया जा सकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान की महानिदेशक डॉ. ऊषा जोशी ने की। उन्होंने कहा कि इन बच्चों की सफलता केवल चिकित्सा की नहीं, बल्कि उनके परिवारों, डॉक्टरों और स्वयं संस्थान के साझा प्रयासों की भी सफलता है।

इस आयोजन में छत्तीसगढ़ राज्य ब्लड सेल की स्टेट कंसल्टेंट डॉ. अस्मिता बेहरा, पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की डॉ. देवप्रिया लकड़ा, माइक्रोबायोलॉजी विभाग की डॉ. निकिता शेरवानी, डॉ. शिखा और डॉ. विजय बाबू वर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सभी ने इस अवसर पर सिकल सेल रोग की रोकथाम, समय पर निदान और प्रभावी उपचार पद्धतियों पर के बारे में बताया।

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