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त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2025 के संबंध में जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स को दिया गया प्रशिक्षण

अम्बिकापुर । जिला पंचायत सभा कक्ष में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री विलास भोसकर की उपस्थिति में त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के सफल एवं सुचारु रूप से संचालन के लिए जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का आज राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स डॉ आरके मिश्रा, डॉ एस एन पांडे, डॉ अनिल कुमार सिन्हा, डॉ दीपक सिंह द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन प्रक्रियाओं के बारीकियों की जानकारी दी। जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स पीठासीन अधिकारी, मतदान दलों के अधिकारियों को प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण में जिला निर्वाचन नोडल अधिकारी जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी सुनील कुमार नायक, सहायक निर्वाचन नोडल अधिकारी श्री गिरीश गुप्ता सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने सभी ट्रेनर्स को मतपेटियों के खेलने बंद करने सहित निर्वाचन के हर प्रक्रियाओं को गंभीरता से समझने निर्देश दिए जिससे जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स पीठासीन अधिकारी, मतदान दल के अधिकारियों को मत पत्र से संबंधित निर्वाचन की हर पहलुओं को बेहतर ढंग से समझा सके। उन्होंने मतपेटियों को हैंड्स ऑन कर प्रेक्टिस करने कहा। राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स द्वारा मत पेटियों के खोलने, बंद करने सहित निर्वाचन के हर पहलुओं को बारीकी से समझाया तथा मतपेटियों को हैंड्स ऑन कर दिखाया। राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स द्वारा पंच, सरपंच, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्यों के लिए प्रयुक्त होने वाले मतपत्र अलग-अलग रंगों की जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर ने पीठासीन अधिकारी, प्रथम मतदान अधिकारी, द्वितीय मतदान अधिकारी व तृतीय मतदान अधिकारी, चतुर्थ मतदान अधिकारी को मतदान के पूर्व, मतदान के दिन और मतदान के बाद किए जाने वाले कार्यों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। मतदान प्रक्रिया, विभिन्न प्रपत्रों को भरने, डिस्पैच सेंटर एवं रिसिविंग सेंटर में किन प्रपत्रों को लेना है और जमा करना है इसके बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी। वहीं उनकी दुविधाओं को भी दूर किया गया। द्वितीय मतदान अधिकारी और तृतीय मतदान अधिकारी के कार्य एवं दायित्वों, मतपत्रों को जारी करने की तैयारियों एवं सावधानियों, पंचायत चुनाव के लिए मतपत्रों के रंग, मतदान के पश्चात विभिन्न प्रपत्रों को तैयार करने तथा मतदान की गोपनीयता, सीलिंग, मतदान की प्रक्रिया, पंच सरपंच के लिए सुभेदक शील, जनपद एवं जिला पंचायत सदस्यों के लिए सुभेदक शील, मतदान केंद्र में प्रवेश का अधिकार एवं प्रतिबंध, पीठासीन अधिकारी द्वारा घोषणाएं, पीठासीन अधिकारी की डायरी,मतदान समाप्ति के बाद मतपेटिका के साथ जमा की जाने वाली आवश्यक सामग्रियों, मतदाताओं की पहचान, मतपेटिका को खोलने एवं बंद करने, सहित अन्य विषयों पर जानकारी दी गई।

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