
राजनांदगांव 07 अगस्त 2026। उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत 15 अगस्त 2026 को उल्लास महा-चौपाल कार्यक्रम आयोजित कर छत्तीसगढ़ को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उल्लास का मूल मंत्र जन-जन साक्षर और कर्तव्य बोध है। कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं करने वाले 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों को सशक्त बनाना है। जिला परियोजना अधिकारी जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण श्रीमती रश्मि सिंह ने बताया कि इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आजादी के जश्र को साक्षरता के उल्लास के रूप में मनाया जाएगा और साक्षरता को देशभक्ति से जोड़कर उल्लास महा-चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को ध्वजारोहण के पश्चात सभी शिक्षक, विद्यार्थी, एसीसी और स्काउट गाइड के सदस्य अपने परिवार एवं आसपास के समुदाय से न्यूनतम 1 निरक्षर को साक्षर बनाने का डिजिटल संकल्प लेंगे। अभियान का थीम मेरा राज्य साक्षर राज्य व आजादी का असली उल्लास जन-जन का साक्षरता विकास है। 15 अगस्त आजादी का जश्न सिर्फ तिरंगा फहराकर नहीं बल्कि अज्ञानता के अंधेरे को मिटाना है। उल्लास साक्षरता का नारा आइये अंगूठे का निशान हटायें, हर हाथ में कलम थमाएं है।









