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कलेक्टर का करेली छोटी दौरा : ग्रामीणों ने की मिनी स्टेडियम की मांग

कलेक्टर ने गांव के सेटलमेंट प्लान का अवलोकन किया

देश-विदेश में पहचान दिलाने होंगे प्रयास

धमतरी । प्रदेश के सबसे व्यवस्थित माने जाने वाले धमतरी जिले के मगरलोड विकासखण्ड के करेली छोटी गांव पहुंचकर कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने गांव की बसाहट, बिजली-पानी, सड़क जैसी व्यवस्थित मूलभूत सुविधाओं का अवलोकन किया। कलेक्टर ने 1942 के गांव के सेटलमेंट प्लान का भी अवलोकन किया और आश्चर्य जताया कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के गठन के पहले से ही इस तरह की योजना से गांव को बसाया गया है। अपने दौरे पर कलेक्टर ने करेली छोटी के निवासियों से भी बात की। उन्हें गांव को खुशहाल, समृद्धशाली और साफ बनाये रखने के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस दौरान ग्रामवासियों ने गांव में मिनी स्टेडियम बनाने की मांग कलेक्टर से की। श्री मिश्रा ने ग्रामीणों की मांग से शासन को अवगत कराने और उसकी स्वीकृति के लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजने का आश्वासन दिया। कलेक्टर ने जिले के इस गांव को देश-विदेश में पहचान दिलाने के लिए भी प्रयास करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस गांव की खूबियों के लिए इसे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत कराने नामांकित भी किया जाएगा। उन्होंने गांव में छोटे उद्योग लगाकर रोजगारमूलक गतिविधियों को बढ़ाने की योजना के बारे में भी बताया।

उल्लेखनीय है कि करेली छोटी गांव धमतरी ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का सबसे व्यवस्थित बसाहट वाला गांव है। यह बड़े शहरों की तर्ज पर सेक्टरों में बंटा है। गांव में ड्रेनेज सिस्टम, चौड़ी सड़कें, बिजली-पानी की सप्लाई सभी व्यवस्थित तरीके से की गई हैं। ग्रामीण बताते हैं कि पहले महानदी के तट पर बसा यह गांव हर साल बरसात में बाढ़ के कारण डूब जाता था, जिससे ग्रामीणों को घर से बेघर होना पड़ता था। तात्कालीन मालगुजार श्री दाउ पवन कल्याण ने गांव को सुरक्षित जगह बसाने के लिए पास ही लगभग 36 एकड़ प्लाट का चिन्हांकन किया। उस समय तात्कालीन मालगुजार ने भोपाल से इंजीनियर बुलाकर गांव का मास्टर प्लान बनवाया। गांव में स्कूल, खेल मैदान, मंदिर, राशन दुकान, सार्वजनिक स्थल, श्मशान घाट के लिए जगह चिन्हांकित की गई। 40-40 फीट चौड़ी रोड, 20 फीट की नाली, ड्रेनेज सिस्टम के लिए जगह छोड़ी गई। उस समय जिस परिवार में जितने बेटे थे, उतने प्लॉट आबंटित किये गये।

गांव की व्यवस्थाओं के संचालन के लिए दूरदर्शी सोच के साथ एक समिति बनाई गई, जिसमें ग्रामीण निर्धारित पैसा जमा करते हैं। 1952 के बनाए नियम-नीति को करेली छोटी के ग्रामीण आज भी बखूबी निभा रहे हैं। सड़क, बिजली, स्कूल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए समिति द्वारा खर्चा किया जाता है। ग्राम समिति ने अभी तक करीब एक करोड़ रूपये से अधिक के विकास कार्य करा लिए हैं। आज भी गांव समिति के पास लगभग 30 लाख रूपये की राशि जमा है। गांव के किसी गरीब परिवार में मृत्यु हो जाने पर अंतिम संस्कार के लिए कफन-दफन का खर्चा भी समिति उठाती है। करेली छोटी गांव अपराधमुक्त है। किसी भी विवाद की स्थिति में गांव की समिति में बैठकर ही निर्णय लिया जाता है। इसी वजह से थाने में आज तक इस गांव की कोई एफआईआर दर्ज नहीं है।

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