Ro no D15139/23

आज सौंनपैरी में भूमि पूजन 31 को भव्य हिंदू सम्मेलन की तैयारी आ रहे सर संघ चालक डॉक्टर मोहन भागवत

हिन्दू सम्मेलन के सफल आयोजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण के रूप में आज भूमिपूजन कार्यक्रम पूर्ण विधि-विधान, वैदिक मंत्रोच्चार एवं श्रद्धामय वातावरण में संपन्न हुआ। यह भूमिपूजन कार्यक्रम न केवल भव्य आयोजन की औपचारिक शुरुआत है, बल्कि हिन्दू समाज की एकता, सांस्कृतिक चेतना एवं राष्ट्रबोध के संकल्प का प्रतीक भी है।
इस अवसर पर आयोजन समिति द्वारा जानकारी दी गई कि इस विशाल हिन्दू सम्मेलन में मुख्यवक्ता के रूप में पूजनीय डॉ. मोहन भागवत, सरसंघचालक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। वहीं मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय संत श्री असंग देव की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। दोनों विभूतियों का सान्निध्य सम्मेलन को वैचारिक, आध्यात्मिक एवं राष्ट्रीय दृष्टि से विशेष ऊँचाई प्रदान करेगा।
भूमिपूजन कार्यक्रम में आयोजन समिति के समस्त पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित रहे। विशेष रूप से जिला कार्यवाह श्री लोक नाथ साहू एवं कार्यक्रम संरक्षक श्री देवकर साहेब की सक्रिय सहभागिता उल्लेखनीय रही। इस दौरान सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने सम्मेलन को अनुशासित, सुव्यवस्थित एवं ऐतिहासिक स्वरूप देने का सामूहिक संकल्प लिया।
आयोजन समिति ने बताया कि विशाल हिन्दू सम्मेलन का उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कृति, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता एवं नैतिक मूल्यों को और अधिक सुदृढ़ करना है। यह सम्मेलन हिन्दू समाज को संगठित कर सकारात्मक दिशा देने, युवाओं में संस्कार एवं राष्ट्रभाव जागृत करने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ने का कार्य करेगा।
भूमिपूजन के उपरांत स्थल पर व्यवस्थाओं, मंच निर्माण, आगंतुकों की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता एवं अनुशासन से संबंधित प्रारंभिक रूपरेखा पर भी चर्चा की गई। आयोजन समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि समाज के सहयोग एवं संतों के आशीर्वाद से यह सम्मेलन ऐतिहासिक, प्रेरणादायी एवं राष्ट्रहित में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

  • Related Posts

    जनसेवा ही प्रशासनिक सेवा का सर्वोच्च उद्देश्य : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

      संवेदनशीलता, निष्पक्षता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का करें निर्वहन : मुख्यमंत्री श्री साय *मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों ने की मुलाकात* *बस्तर से सरगुजा…

    Read more

    बस्तर देश का सबसे सुंदर और विकसित आदिवासी संभाग बनेगा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    *बस्तर के आर्थिक विकास और लघु वनोपजों के समुचित उपयोग के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध*   *मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया ‘तेरा…

    Read more

    NATIONAL

    क्या आपका पुराना नंबर किसी और को मिल गया? बैंक OTP, ईमेल और सोशल मीडिया अकाउंट गलत हाथों में जाने से ऐसे बचाएं

    क्या आपका पुराना नंबर किसी और को मिल गया? बैंक OTP, ईमेल और सोशल मीडिया अकाउंट गलत हाथों में जाने से ऐसे बचाएं

    परमाणु कार्यक्रम पर भी बनेगा निगरानी तंत्र डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि यह समझौता क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगा. उनके मुताबिक, इससे ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जा सकेगा और उसके परमाणु कार्यक्रम पर अधिक प्रभावी निगरानी स्थापित होगी. ट्रंप ने कहा कि समझौते के तहत निरीक्षण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और ईरान के परमाणु सामग्री प्रबंधन तथा निपटान से जुड़े प्रावधान भी शामिल होंगे. फरवरी से शुरू हुआ था संघर्ष यह संभावित समझौता उस संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी. उस दौरान अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए हमलों में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी. इसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ गया था. अब यदि 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर हो जाते हैं, तो इसे पश्चिम एशिया में हाल के वर्षों की सबसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धियों में गिना जा सकता है.

    परमाणु कार्यक्रम पर भी बनेगा निगरानी तंत्र डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि यह समझौता क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगा. उनके मुताबिक, इससे ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जा सकेगा और उसके परमाणु कार्यक्रम पर अधिक प्रभावी निगरानी स्थापित होगी. ट्रंप ने कहा कि समझौते के तहत निरीक्षण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और ईरान के परमाणु सामग्री प्रबंधन तथा निपटान से जुड़े प्रावधान भी शामिल होंगे.  फरवरी से शुरू हुआ था संघर्ष यह संभावित समझौता उस संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी. उस दौरान अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए हमलों में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी. इसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ गया था. अब यदि 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर हो जाते हैं, तो इसे पश्चिम एशिया में हाल के वर्षों की सबसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धियों में गिना जा सकता है.

    अमेरिका-ईरान समझौते का ऐलान, ट्रंप-ईरान ने किया कंफर्म; फिर खुलेगा होर्मुज, 19 जून को डील पर होंगे हस्ताक्षर

    अमेरिका-ईरान समझौते का ऐलान, ट्रंप-ईरान ने किया कंफर्म; फिर खुलेगा होर्मुज, 19 जून को डील पर होंगे हस्ताक्षर

    होर्मुज स्ट्रेट से कितना कमाता था ईरान? अगर युद्ध विराम के बाद खुला रास्ता, तो अब जहाजों से कैसे वसूलेगा ‘टोल टैक्स’

    होर्मुज स्ट्रेट से कितना कमाता था ईरान? अगर युद्ध विराम के बाद खुला रास्ता, तो अब जहाजों से कैसे वसूलेगा ‘टोल टैक्स’

    राजनाथ सिंह ने कहा- युद्ध का खेल बदल गया है, छोटे देश भी बड़े देश को पहुंचा सकते हैं ज्यादा नुकसान

    राजनाथ सिंह ने कहा- युद्ध का खेल बदल गया है, छोटे देश भी बड़े देश को पहुंचा सकते हैं ज्यादा नुकसान

    भारतीय जहाजों पर हमले से ट्रंप नाराज, ममता को खुली चुनौती! 19 सांसद बोले- हम ही असली TMC

    भारतीय जहाजों पर हमले से ट्रंप नाराज, ममता को खुली चुनौती! 19 सांसद बोले- हम ही असली TMC