
कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जलग्रहण विकास घटक 2.0 के अंतर्गत जल एवं भूमि संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विकासखंड बीजापुर के ग्राम चिन्नाकोडेपाल और चेरपाल में 15 से 16 दिसंबर तक “वाटरशेड महोत्सव” का आयोजन किया गया।
महोत्सव का शुभारंभ स्कूली छात्र-छात्राओं की प्रभातफेरी से हुआ जिसमें बच्चों ने जल संरक्षण की महत्ता पर प्रभावशाली नारों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया। इसके पश्चात विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों द्वारा जल संरक्षण विषय पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। आयोजन के दौरान रंगोली और चित्रकला प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं जिनमें प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता से जल एवं मृदा संरक्षण का संदेश दिया।
ग्रामीणजनों और स्व-सहायता समूहों के लिए कुर्सी दौड़ और मटका फोड़ जैसे खेलों का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के समापन पर विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
इस अवसर पर श्री पीएस कुशरे उपसंचालक कृषि सह परियोजना प्रबंधक जिला बीजापुर ने जल एवं मृदा संरक्षण की उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्राकृतिक कृषि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस पद्धति को अपनाकर रासायनिक खाद एवं दवाइयों के बिना भी उच्च गुणवत्ता वाली फसल की अधिक उपज प्राप्त की जा सकती है। परियोजना अधिकारी श्री चुनेन्द्र प्रकाश देवांगन ने जलग्रहण विकास योजना से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में श्री पीएस कुशरे, श्री चुनेंद्र प्रकाश देवांगन सहायक संचालक कृषि, श्री जैनेन्द्र दास तकनीकी विशेषज्ञ, स्थानीय जनप्रतिनिधि, वाटरशेड परियोजना के अधिकारी-कर्मचारी, विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।








