महतारी वंदन योजना से वनांचल की महिलाएं हो रही सशक्त

रायपुर, 01 जनवरी 2025/ महतारी वंदन योजना ने वनांचल क्षेत्र की महिलाओं के जीवन में एक नया उजाला लाया है। ग्रामीण इलाकों में रोजगार की कमी और सीमित संसाधनों के बीच जीवन यापन करना कठिन था। इस योजना के माध्यम से उन्हें आर्थिक संबल मिला है, जिससे उनका जीवन बेहतर हुआ है और महिलाओं का आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा है।

कोरबा जिले के सुदूर वनांचल और पहाड़ों के बीच बसे ग्राम बोड़ानाला की रहने वाली श्रीमती सुखमत और श्रीमती राजकुमारी मंझवार का जीवन पहले कई कठिनाइयों से घिरा हुआ था। संसाधनो के अभाव और आर्थिक तंगी ने उनके रोजमर्रा के जीवन को चुनौतीपूर्ण बना दिया था। महतारी वंदन से मिलने वाली आर्थिक सहायता ऐसे परिवार के लिए एक वरदान साबित हुई है, जिसने न केवल उनके जीवन को सरल बनाया, बल्कि उनके परिवार को भी एक नई दिशा दी। अब वह खुद को आत्मनिर्भर महसूस करती हैं। हितग्राही श्रीमती सुखमत मंझवार ने योजना से मिल रहे लाभ के सुखद अनुभव को साझा करते हुए बताया कि परिवार की आमदनी के नियमित और स्थिर स्रोत नहीं होने के कारण उनके दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने की समस्या सदैव बनी रहती थी, जिससे आर्थिक संकट की समस्या निरंतर उनके परिवार को घेरे रहता था। उनके गांव की खेती जमीन डुबान में चले जाने से खेती की संभावना भी नहीं रह गयी थी, उनके पति रोजी-मजदूरी कर परिवार का गुजारा चलाते थे। जब महतारी वंदन योजना के तहत उन्हें वित्तीय सहायता मिलने लगी, तो उनके जीवन में एक सकारात्मक बदलाव आया। इस योजना से मिलने वाली राशि ने उनके घरेलू खर्चों को पूरा करना आसान बना दिया। अब वह न केवल परिवार के खर्चों को सहजता से पूरा कर पाती हैं, बल्कि अपने परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त भी बना रही हैं।

इसी प्रकार लाभार्थी श्रीमती राजकुमारी मंझवार ने बताया कि महतारी वंदन योजना ने महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त किया है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी नई ऊँचाइयाँ दी हैं। इस योजना ने वनांचल क्षेत्र की महिलाओं को एक नई दिशा दी है, जिससे वे न केवल अपनी बल्कि अपने परिवार की भी खुशहाली के लिए सक्षम बन रही हैं। योजना के माध्यम से एक हजार रुपये की वित्तीय सहायता हर माह मिलने से श्रीमती राजकुमारी अपने भविष्य के लिए निश्चिंत रहती है।दैनिक जरूरतों, घरेलू उपभोग की चीजों की पूर्ति के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता, वह स्वयं आवश्यक उपयोगी चीजों की पूरा करने में सक्षम बन गई है।

गौरतलब है कि उक्त योजना का शुभारंभ 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। राज्य की लगभग 70 लाख हितग्राही महिलाओं को हर माह एक हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। मार्च से लेकर दिसम्बर तक हितग्राही महिलाओं को 10 मासिक किश्तों में 6530 करोड़ 41 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।

  • Related Posts

    मुंगेली वनमंडल के डीएफओ को औषधीय पौधों के सघन रोपण कार्य हेतु सम्मान

    रायपुर, 04 फरवरी 2026/ IMNB NEWS AGENCY औषधीय पौधों के सघन रोपण के माध्यम से कृषि विविधीकरण, ग्रामीण आजीविका में वृद्धि और पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान के लिए किसानों…

    Read more

    40 विभागों द्वारा इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट आनलाइन ट्रेनिंग(iGOT) आधारित विभागीय क्षमता निर्माण योजना तैयार

    भूमिका के अनुसार प्रशिक्षण पाठ्यक्रम निर्धारित मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक क्षमता निर्माण एवं ई-गवर्नेंस को मिल रही नई गति मुख्य सचिव की पहल पर iGOT प्लेटफॉर्म पर…

    Read more

    NATIONAL

    India US Trade Deal : क्या मोदी ने ट्रंप को अपनी कूटनीति से झुका दिया, क्या है टैरिफ वार के सुखद अंत का राज?

    India US Trade Deal : क्या मोदी ने ट्रंप को अपनी कूटनीति से झुका दिया, क्या है टैरिफ वार के सुखद अंत का राज?

    रूस से तेल खरीदेगा या नहीं भारत? ट्रंप के ‘सीक्रेट’ समझौते वाले दावे पर पुतिन के ऑफिस से आया जवाब

    रूस से तेल खरीदेगा या नहीं भारत? ट्रंप के ‘सीक्रेट’ समझौते वाले दावे पर पुतिन के ऑफिस से आया जवाब

    पूर्व तानाशाह गद्दाफी का बेटा सैफ अल-इस्लाम मारा गया, घर के गार्डन में घुसकर हमलावरों ने गोलियों से भूना

    पूर्व तानाशाह गद्दाफी का बेटा सैफ अल-इस्लाम मारा गया, घर के गार्डन में घुसकर हमलावरों ने गोलियों से भूना

    पाकिस्तानी फौज ने बलूचिस्तान के आगे टेके घुटने? रक्षा मंत्री का संसद में कबूलनामा- ‘विद्रोहियों के पास हमसे बेहतर हथियार’

    पाकिस्तानी फौज ने बलूचिस्तान के आगे टेके घुटने? रक्षा मंत्री का संसद में कबूलनामा- ‘विद्रोहियों के पास हमसे बेहतर हथियार’

    एसआईआर के खिलाफ याचिका पर होगी सुनवाई, ममता बनर्जी पहुंचीं सुप्रीम कोर्ट

    एसआईआर के खिलाफ याचिका पर होगी सुनवाई, ममता बनर्जी पहुंचीं सुप्रीम कोर्ट

    गाजियाबाद में ऑनलाइन गेम की लत, 3 सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर दी जान

    गाजियाबाद में ऑनलाइन गेम की लत, 3 सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर दी जान