Ro no D15139/23

संघर्ष से समृद्धि की ओर बरमकेला के विद्याधर यादव ने भेड़ और गाय पालन से गढ़ी स्वरोजगार की नई इबारत

रायपुर, 25 अगस्त 2026/ग्रामीण इलाकों में खेती के साथ पशुपालन किसानों की आमदनी बढ़ाने का एक अहम जरिया है। खासकर भेड़ पालन को कम जगह और अपेक्षाकृत सीमित संसाधनों में शुरू किया जाने वाला व्यवसाय माना जाता है। ऊन और मांस के जरिए भेड़ पालक अच्छी आमदनी हासिल कर सकता है। ग्रामीण क्षेत्र में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। पशुपालन से जुड़े लोगों के लिए भी आर्थिक सहायता का प्रावधान भी है। भेड़ पालन में चारे का खर्च बहुत कम आता है क्योंकि ये प्राकृतिक रूप से घास और स्थानीय चारे पर जीवित रह सकती हैं। गाय पालन से नियमित दूध उत्पादन होता है, जिससे किसानों को हर महीने निश्चित आय मिलती है।

पशुपालन आजीविका और आत्मनिर्भरता का एक सशक्त जरिया

​छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में पशुपालन आज भी आजीविका और आत्मनिर्भरता का एक सशक्त जरिया बना हुआ है। मवेशी केवल खेती-किसानी और रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा ही नहीं हैं, बल्कि ये प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन में भी अपनी अहम भूमिका निभाते हैं। इसी सोच को आत्मसात करते हुए बरमकेला विकासखंड के ग्राम देवगांव निवासी विद्याधर यादव और उनके परिवार ने भेड़ व गाय पालन को स्वरोजगार के रूप में चुनकर सफलता की एक नई कहानी लिखी है।

सुव्यवस्थित ढंग से पशुपालन का प्रबंधन

​विद्याधर यादव के पास वर्तमान में लगभग 70 भेड़ें और 1 दूध देने वाली गाय है। वे केवल पारंपरिक तरीके से पशुपालन नहीं कर रहे, बल्कि बेहद सुव्यवस्थित ढंग से इसका प्रबंधन भी संभालते हैं। भेड़ों को चराने के दौरान हिंसक जानवरों और आवारा कुत्तों से सुरक्षा के लिए उन्होंने दो विदेशी नस्ल के कुत्ते पाल रखे हैं। इतना ही नहीं, अपने इस व्यवसाय के जरिए उन्होंने गांव के दो अन्य लोगों को भी सुबह-शाम चरवाहे के रूप में रोजगार दे रखा है। पशुधन विभाग के कर्मचारी भी नियमित रूप से उनके घर पहुंचकर पशुओं का टीकाकरण और स्वास्थ्य परीक्षण करते रहते हैं।

पशुपालन से प्रतिवर्ष लगभग 2 लाख रुपये की आमदनी

​अपनी इस मेहनत और लगन के बदौलत विद्याधर यादव को पशुपालन से प्रतिवर्ष लगभग 2 लाख रुपये की आमदनी हो रही है। इसमें से चारे और चरवाहों के खर्च के रूप में लगभग 50 हजार रुपये निकालने के बाद भी उनके पास एक अच्छी-खासी शुद्ध आय बच जाती है। हाल ही में पशुधन विभाग के उप संचालक ने विद्याधर के घर पहुंचकर उनके पशुधन के रखरखाव का जायजा लिया और उनके इस प्रयास की खुलकर सराहना की।

पशुपालन के जरिए स्वरोजगार के नए द्वार खोले जा सकते हैं

​विद्याधर यादव का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी पशुपालन के जरिए स्वरोजगार के नए द्वार खोले जा सकते हैं। इसके लिए बस पूरे परिवार की मजबूत इच्छाशक्ति, पशुओं के प्रति प्रेम और उनके रखरखाव व बीमारियों की सही जानकारी होना जरूरी है। आज विद्याधर यादव का पूरा परिवार पशुपालन के दम पर निरंतर उन्नति की ओर अग्रसर है और ग्रामीण अंचलों में आत्मनिर्भरता की एक चमकती हुई मिसाल बन चुका है।

  • Related Posts

    ‘विष्णु भैया’ के उपहार से बहनों के सपनों को मिली उड़ान, महतारी वंदन से प्रेमलता बनीं आत्मनिर्भर

    रायपुर, 25 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं…

    Read more

    रायपुर के प्राचीन विरंचिनारायण मंदिर अंखड रामधुनी सप्ताह का समापन संतो ने दिया सनातन राष्ट्र रक्षा का संदेश

    रायपुर ,प्राचीन विरंचीनारायण नरसिंह नाथ मंदिर बुढ़ापारा में आज अंखड रामधूनी सप्ताह के समापन अवसर पर संत महासभा और रायपुर महानगर संत समिति से जुड़े संत विशेष रूप से शामिल…

    Read more

    NATIONAL

    ड्यूटी-फ्री चीनी इम्पोर्ट के बदले नियम, अब रिफाइंड चीनी बेचने के लिए मिलेगा 2 महीने का समय

    ड्यूटी-फ्री चीनी इम्पोर्ट के बदले नियम, अब रिफाइंड चीनी बेचने के लिए मिलेगा 2 महीने का समय

    भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नवीन ने ली नवनियुक्त सोशल मीडिया टीम की बैठक

    भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नवीन ने ली नवनियुक्त सोशल मीडिया टीम की बैठक

    भाजपा की नव नियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री सहित भाजपा पदाधिकारी शामिल हुए

    भाजपा की नव नियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री सहित भाजपा पदाधिकारी शामिल हुए

    रावलपिंडी में 6 महीने के लिए तैनात हुई पाकिस्तानी सेना, मुनीर ने ताकत मिलते ही लिया फैसला; GHQ बना किला

    रावलपिंडी में 6 महीने के लिए तैनात हुई पाकिस्तानी सेना, मुनीर ने ताकत मिलते ही लिया फैसला; GHQ बना किला

    अमेरिका पीछे हटा तो कौन भरेगा खाली जगह? सऊदी अरब के नए सुरक्षा प्लान को समझिए

    अमेरिका पीछे हटा तो कौन भरेगा खाली जगह? सऊदी अरब के नए सुरक्षा प्लान को समझिए

    भारत में विदेशी पर्यटक क्यों नहीं आ रहे? थाईलैंड-वियतनाम से पीछे रहने की 3 बड़ी वजहें

    भारत में विदेशी पर्यटक क्यों नहीं आ रहे? थाईलैंड-वियतनाम से पीछे रहने की 3 बड़ी वजहें