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सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम सूर्य प्रकाश त्रिपाठी ने ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का लिया लाभ, केंद्र व राज्य सरकार से मिली डबल सब्सिडी

अम्बिकापुर 07 अक्टूबर 2025/   “सुबह का सवेरा सूर्य की रौशनी के साथ घर में हर दिन मुफ्त बिजली ला रहा है, अम्बिकापुर के डीसी रोड निवासी श्री सूर्य प्रकाश त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अपने घर के आंगन में बने शेड पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल लगवाया है, जिससे उनका घर अब पूरी तरह सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भर बन गया है।

श्री त्रिपाठी बताते हैं, पहले हर महीने बिजली बिल की चिंता रहती थी, अब सूरज ही हमारा बिजलीघर बन गया है। सरकार की मदद से सोलर सिस्टम लगाना आसान और सस्ता दोनों हो गया है।

केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त सब्सिडी
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त योजना के तहत केंद्र व राज्य सरकार संयुक्त सब्सिडी मिल रही है, श्री त्रिपाठी ने बताया कि 3 किलोवाट पर केंद्र सरकार से 78,000 रुपये और राज्य सरकार से 30,000 रुपये की सब्सिडी प्राप्त होगी। कुल मिलाकर 1,08,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। शासन की इस पहल से पहले बिजली उपभोक्ता थे लेकिन अब अपने घर की खपत पूरी करने के बाद अतिरिक्त बिजली ग्रिड में बेचकर आमदनी भी प्राप्त कर सकते हैं।

कैसे लें पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ
इसमें बिजली उपभोक्ता को  pmsuryaghar.gov.in  पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आवेदन स्वीकृत होने के बाद MNRE (नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय) से पंजीकृत वेंडर के माध्यम से सोलर पैनल लगवाया जा सकता है। पैनल इंस्टालेशन और निरीक्षण के बाद सब्सिडी की राशि सीधे बिजली उपभोक्ता के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।

लाभ केवल बिजली बचत तक सीमित नहीं
अब श्री त्रिपाठी का मासिक बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। सौर पैनल से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजी जाती है, जिसके बदले उन्हें नेट मीटरिंग प्रणाली से क्रेडिट यूनिट मिलती हैं। इससे भविष्य के बिलों में समायोजन होगा और वित्तीय वार्षिक में अतरिक्त बिजली का भुगतान विद्युत विभाग करेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना सिर्फ बिजली बिल कम करने का माध्यम नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण की सौगात भी है। अगर हर घर सोलर अपनाए तो मुफ्त बिजली पाएंगे।

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य है कि हर घर को स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा उपलब्ध हो, जिससे देश ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त कर सके।

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